यूजीसी के नए नियमों को लेकर मचे घमासान के बीच आज़ाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने यूजीसी के नए नियमों का समर्थन किया है और कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वो लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. इन नियमों को और सख्त करने की ज़रूरत है.
नगीना सांसद ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए यूजीसी की गाइड लाइंस का समर्थन किया. उन्होंने कहा जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वह गुमराह करने का काम कर रहे हैं उनको गुमराह किया जा रहा है. यूजीसी की गाइडलाइंस के बारे में किसी को कुछ पता ही नहीं है. इसमें तो कुछ भी नहीं है इसको तो और सख्त किए जाने की जरूरत है.
यूजीसी के नए नियमों को लेकर बवाल तेज
इससे पहले आगरा में भी आसपा की रैली में चंद्रशेखर आजाद ने यूजीसी के नए नियमों का स्वागत किया था. उन्होंने इस रैली में उन्होंने कहा कि अभी यूजीसी के नए नियम आए हैं जो काफी चर्चा में बने हुए हैं. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इनका वहीं विरोध कर रहा है जो जाति के आधार पर एससी, एसटी और ओबीसी के बच्चों का शोषण करने का काम कर रहा है.
चंद्रशेखर ने कहा कि इससे किसी को दिक़्क़त नहीं है सिर्फ द्रोणाचार्य के जो एकलव्य का अंगूठा काटना चाहता है. मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि अगर चंद मुठ्ठीभर लोगों की वजह से अगर यूजीसी का फैसला वापस हुआ तो हम 75 फ़ीसद बहुजन समाज के लोग सड़कों पर उतरेंगे.
बता दें कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर जमकर बवाल देखने को मिल रहा है. सवर्ण समाज के लोग ख़ासतौर पर इसका विरोध कर रहे हैं. यूपी में अलग-अलग जगहों पर विभिन्न संगठन इन नियमों के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं. वहीं बरेली के एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री ने भी इसके विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
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