ग्रेटर नोएडा में पेयजल के दामों में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का विरोध शुरू हो गया है, ग्रेटर नोएडा फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व महासचिव दीपक भाटी के नेतृत्व में बुधवार को ग्रेनों प्राधिकरण के सीईओ से मुलाकात की. नोएडा और गाजियाबाद से अधिक वसूले जा रहे शहर में पानी के बिल का विरोध किया है. आरोप है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे निवासियों की जेब पर पानी का बिल बढ़ने से अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ेगा.

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ग्रेटर नोएडा फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के पूर्व महासचिव दीपक भाटी ने बताया कि एक अप्रैल से शहर में पेयजल के दामों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है. यह शुल्क आवासीय और औद्योगिक समेत सभी श्रेणी के आवंटियों पर पड़ेगा. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से पेयजल की दरों में हर साल वृद्धि की जाती है. उन्होंने कहा कि पानी के बिल नोएडा और गाजियाबाद से भी ज्यादा हो गए हैं.

शहरवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

पहले की बोर्ड बैठक के फैसले के बाद लगातार पानी के बिल बढ़ाए जा रहे है. कई लोगों महंगाई की मार की वजह से पहले ही बिजली के बिल जमा नहीं करा पा रहे हैं, जिनपर भारी ब्यॉज भी बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो शहरवासी प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन करेंगे.

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फेडरेशन ने की ये मांगें

फेडरेशन ने पुराने आदेश को रद्द करने और ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना लागू करने की मांग की है. ताकि लोग आसानी से अपना बकाया जमा कर सके. ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ ने आश्वासन दिया कि पानी के बिल नहीं बढ़ाए जाएंगे और ओटीएस योजना पर भी सहमति जताई है.