समाजवादी पार्टी की गोरखपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए विवाद के बाद पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है. सपा ने गोरखपुर की जिला और महानगर इकाई के साथ फ्रंटल संगठनों की कार्यकारिणियां भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी हैं. पार्टी के इस फैसले में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष समेत संबंधित पदाधिकारी व सदस्य भी शामिल हैं.

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दरअसल, शनिवार (3 अक्टूबर 2026) को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में सपा की प्रेस वार्ता के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हो गया था. मामला बढ़ने पर गाली-गलौज और हाथापाई की स्थिति बन गई. आरोप है कि गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया. घटना का वीडियो भी सामने आया था.

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अगले दिन भंग कर दी गईं सभी प्रमुख इकाइयां

घटना के बाद पार्टी नेतृत्व ने गोरखपुर संगठन पर कार्रवाई की. जारी निर्देश के मुताबिक जिला अध्यक्ष सहित जिला कार्यकारिणी, महानगर अध्यक्ष सहित महानगर कार्यकारिणी और फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्ष-महानगर अध्यक्ष समेत पदाधिकारी और सदस्य तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए गए हैं.

प्रदेश स्तर की गोरखपुर से जुड़ी इकाइयां भी भंग

पार्टी के आदेश में गोरखपुर से जुड़ी सपा की राज्य कार्यकारिणी और सभी फ्रंटल संगठनों की प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को भी तत्काल प्रभाव से भंग करने की बात कही गई है. इससे कार्रवाई का दायरा केवल जिला संगठन तक सीमित नहीं रहा.

विवाद के बाद अंशुमान सिंह पर भी कार्रवाई

प्रेस क्लब की घटना के बाद अंशुमान सिंह को भी पार्टी से निष्कासित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी. विवाद को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं. नगीना साहनी ने मारपीट और धमकी के आरोप लगाए, जबकि अंशुमान सिंह ने पूरे घटनाक्रम को अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया.

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