आप बड़े ब्रांड के घी बाजार से सस्ते दाम पर खरीदकर सेहत को दुरुस्त रखने का सपना देख रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. क्योंकि बाजार में सस्ते दामों पर बिक रहा है बड़े ब्रांड का नकली घी. चंद मुनाफे के लिए चल रहा सफेद घी का काला गोरखधंधा आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाने के साथ लीवर-किडनी को खराब कर जानलेवा साबित हो सकता है.

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ताजा मामला यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर का है. जहां अमूल-पतंजलि और कई बड़े ब्रांड के नाम पर नकली घी तैयार कर उसे बाजार में बेचा जा रहा था. खाद्य विभाग की टीम ने एक फैक्ट्री पर छापा मारकर 400 किलोग्राम नकली घी और उसके रैपर जिस पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट के साथ दाम (एमआरपी) पहले से छपा हुआ है, उसे बरामद किया है. इसे दिल्ली से छापकर सप्लाई किया जा रहा था.

तनवी इंटरप्राइजेज में छापा मार 400 किलो नकली घी किया गया जब्त 

गोरखपुर के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (फूड विभाग) की टीम ने सहायक आयुक्त खाद्य डाक्टर सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में चौरीचौरा के सहसराव स्थित तनवी इंटरप्राइजेज पर शुक्रवार 31 जुलाई की देर शाम छापा मारकर 400 किलो नकली घी जब्त किया गया है. नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. इसे अमूल, पतंजलि, मधुसूदन, रॉयल व हरियाणा समेत कई नामी ब्रांड के रैपर में भरकर रखा गया था. इन्हीं कंपनियों के खाली रैपर भी यहां मिले हैं. यही नकली सफेद घी इन नामी कंपनियों के रैपर में भरकर बेचने का काला गोरखधंधा पिछले कई माह से चल रहा था.

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घी की महक से मिलावट की संभावना, जांच के लिए भेजे नमूने

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह को नकली घी ब्रांडेड कंपनियों के रैपर में भरकर बेचने की सूचना मिली थी. इस जानकारी के बाद वहां छापेमारी की कार्रवाई की गई. वहां की स्थिति देखकर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के भी होश उड़ गए. यहां 1 किलो, 500 ग्राम व 250 ग्राम के पैकेट में घी को पैक किया गया था. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने यहां से 5 नमूने लिए हैं और जांच के लिए उसे प्रयोगशाला भेजा जा रहा है. वहां से रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इसमें कोई हानिकारक केमिकल भी मिला है या नहीं.

हालांकि घी की महक के लिए एसेंस मिलाने की संभावना व्यक्त की जा रही है. मौके से बड़े पैमाने पर विभिन्न ब्रांड के खाली रैपर भी मिले हैं, जिससे ये साफ है कि बड़े ब्रांड के रैपर में नकली घी को पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था.

बड़े पैमाने पर मिले अमूल, पतंजलि जैसी बड़ी कंपनियों के रैपर 

सहायक आयुक्त खाद्य डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यहां से बड़े पैमाने पर अलग-अलग कंपनियों के रैपर मिले हैं. प्रथम दृष्टया इसे देखकर कोई पहचान नहीं पाएगा. इसे दिल्ली से छपवाकर मंगाया जा रहा है. इस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, रेट पहले से प्रिंट है. यहां नकली घी इन पैकेट में भरकर बाजार में उतार दिया जा रहा है. रैपर व नकली घी की आपूर्ति कहां से की जाती है? इस धंधे में कौन-कौन शामिल है? इसका पता लगाने में खाद्य सुरक्षा विभाग जुट गया है.

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पहचान कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा. उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. उन्होंने बताया कि मौके से घी व रैपर जब्त कर लिया गया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर मिलावटखोरी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है. इस मामले में जांच जारी रहेगी. इस पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा. जांच करने वाली टीम में सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. सुधीर कुमार राय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नागेंद्र चौधरी, संदीप सिंह, सत्यराम यादव और ओमप्रकाश शामिल रहे.

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