उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रतिबंध के बावजूद मीट-मटन की बिक्री की जा रही थी, जिस पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. प्रतिबंध के बावजूद मीट बेचने वाले दुकानदारों पर प्रशासन ने जुर्माना लगाया है, यह कार्रवाई आदेश के उल्लंघन पर की गई है. बता दें कि, सावन माह के दौरान वाराणसी के नगर निगम सीमा क्षेत्र में कावड़ मार्ग पर मीट मांस की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है.
दरअसल, कावड़ियों व श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर श्रावण के दिनों में कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली मीट दुकानों बंद रखने का फैसला लिया गया है. अब सावन के शुरुआती दो दिनों में वाराणसी नगर निगम की तरफ से उन दुकानों पर कार्रवाई की गई है, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार पर लगाम, अब कटेगा चालान
वाराणसी के इस क्षेत्र में हुई कार्रवाई
एबीपी लाइव को मिली जानकारी के अनुसार, सावन माह के शुरुआती 2 दिन में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के दिशा निर्देश पर प्रशासन द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है. वाराणसी के लल्लापुरा नई सड़क अंधरापुल क्षेत्र के उन दुकानों पर जुर्माना लगाया गया है जो खुले में मीट मांस बेच रहे थे. प्रशासन द्वारा कुल 40000 से अधिक जुर्माना वसूला गया है. बाकी भी दुकानदारों को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है.
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
सावन माह के दौरान प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है. स्वाभाविक है कि लाखों की संख्या में शिव भक्त कावड़िया सावन के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर महामृत्युंजय मंदिर मारकंडेय महादेव मंदिर सहित अलग-अलग धार्मिक स्थल पर दर्शन पूजन व जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं . इस दौरान इन क्षेत्र में मीट मांस की दुकान खुली रहती है तो दुकानदारों पर और भी सख्त कार्रवाई की बात कही गई है.
बता दें कि, श्रावण माह के शुरू होते ही बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंच रहे हैं, ऐसे प्रशासन की तरफ से यह कार्रवाई नजीर मानी जा रही है.
'इस मुद्दे पर हम...', E20 पेट्रोल के सवाल पर योगी के मंत्री का किनारा
