उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसमें रविवार को गोरखपुर यूनिट ने अंतराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का नेटवर्क तोड़ते हुए 635.5 किलो गांजा और पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है. यह नेटवर्क नेपाल से गांजा लाकर पूर्वी यूपी और बिहार में सप्लाई करते थे. पकडे गए गांजे की अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमत डेढ़ करोड़ रुपए है. STF ने इनके पास से एक ट्रक और स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद की है.
तस्करों ने गंगा ट्रक के केबिन के ऊपर बने कैविट में छुपाया था, ताकि कोई आसानी से पकड़ नहीं पाए. STF के मुताबिक ये नशे के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई है, इससे ड्रग तस्करों की कमर कुछ जरुर टूटेगी.
देवरिया में सप्लाई की थी सूचना
डिप्टी एसपी STF धर्मेश कुमार शाही के मुताबिक सूचना मिलने के बाद गोरखपुर टीम और NCB को अलर्ट किया गया. इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह की टीम ने इन्हें गोरखपुर देवरिया रोड पर चेकिंग के दौरान पकड़ लिया. जिस्मने दो बंडल ये लोग स्कार्पियों में रख चुके थे. पांचों के खिलाफ NDPS में मुकदमा दर्ज कार्रवाई की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और बरामद सामान
STF की गिरफ्त में आरोपियों में जितेन्द्र यादव, पूर्वी चंपारण बिहार, नवराज श्रेष्ठ, वीरगंज नेपाल, राजू यादव, पूर्वी चंपारण बिहार, सुनील कुमार राय, पश्चिम चंपारण बिहार और राजन तिवारी पश्चिम चंपारण बिहार शामिल हैं.
इन सभी के पास से 41 बंडल में छिपाया गया 635.5 किलो गांजा,एक कंटेनर ट्रक, स्कॉर्पियो गाड़ी, फर्जी नम्बर प्लेट, सात मोबाइल और नकदी भी बरामद हुई है.
नेपाल से चल रहा है गोरखधंधा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस गांजे की लोडिंग नेपाल के मुगलिंग से की गयी थी. इसका सरगना नेपाल का अच्छेलाल यादव और जितेन्द्र यादव हैं और दोनों लम्बे समय से नेटवर्क चला रहे हैं. इस गांजे की सप्लाई सोनौली बॉर्डर पार करने के बाद बिहार के सिवान और हाजीपुर में होनी थी. यही नहीं आरोपियों ने कबूल किया कि वे कई वर्षों से नेपाल-बिहार-यूपी रूट से गांजे की तस्करी करते आ रहे हैं.