उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक माह के अंदर 10 वर्ष से कम उम्र के तीन किशोर और एक किशोरी की हत्या से हड़कंप मच गया है.  बीती रात मौसेरी बहन से छेड़खानी के आरोपियों की पिटाई से गंभीर रूप से घायल किशोर की मौत हो गई. जबकि उसकी मौसी का भाई गंभीर रूप से घायल है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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जब तक बीच बचाव के लिए लोग पहुंचे तब तक दोनों किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए. आरोप है कि सूचना के काफी देर बाद पहुंची पुलिस समझौता कराने में समय गंवा दिया. इसके बाद घायलों को सीएचसी पिपराइच ले जाया गया. जहां उनकी हालत गंभीर बताकर उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया. 

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क्या है पूरा मामला ?

गोरखपुर के पिपराइच थानाक्षेत्र के बेला चौराहे पर बीटे शनिवार 1 अगस्त की रात पुरानी रंजिश को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर राड, डंडे आदि से धावा बोल दिया. इस घटना में एक किशोर सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया रात दो बजे किशोर सरस सिंह (9 वर्ष) की मौत हो गई. 

पिपराइच थानाक्षेत्र के माधोपुर निवासी राजू सिंह ने करीब एक माह पहले बेटी से छेड़खानी का आरोप लगाया था. मामला थाने में लंबित है. इसी बात से नाराज़ आरोपी पक्ष बीते शनिवार की रात करीब नौ बजे बेला में घात लगाकर बैठे थे. राजू सिंह बेला में पान की दुकान चलाते हैं. राजू सिंह का बेटा शिवकुमार (15 वर्ष) और उनके साढ़ू का लड़का सरस सिंह (9 वर्ष) दुकान पर जा रहे थे. घात लगाए बैठे माधोपुर केवटान टोला के कुछ लोगों ने धावा बोल दिया. आरोपी है कि उन्हें लाठी डंडे राड आदि से पीटने लगे.

सरस सिंह की इलाज के दौरान मौत 

बीआरडी मेडिकल कालेज में रात करीब दो बजे 9 वर्षीय किशोर सरस सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. सरस सिंह खोराबार थानाक्षेत्र के आराजी बसडीला गांव निवासी अरविन्द सिंह का पुत्र था, जो मां की मौत के बाद अपनी मौसी-मौसा के घर माधोपुर रहता था. किशोर सरस सिंह की मौत के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है. 

पुलिस ने शुरू की जांच 

चौरीचौरा सर्किल के सीओ कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि 1 अगस्त की रात की पिपराइच थानाक्षेत्र के बेला के माधोपुर गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसमें एक किशोर को चोट लगी थी. आज सुबह किशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई. शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगा दिया गया है. मामले की जांच कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है.

एक महीने में चार किशोरों की हत्या 

गोरखपुर में एक माह के भीतर 10 साल से कम उम्र के तीन किशोर और एक किशोरी की हत्या और मौत हो चुकी है. 3 जुलाई को सहजनवा थानाक्षेत्र वार्ड नम्बर 9 से 2 जुलाई को लापता 5 वर्षीय किशोर अंशुमान सिंह की पड़ोसी विनय सिंह ने अगवाकर हत्या कर दी थी. 3 जुलाई की शाम खंडहरनुमा घर से उसकी लाश बरामद हुई थी. उसके गले और चेहरे पर चोट के निशान मिले थे. मासूम की गला दबाकर हत्या की गई थी. आरोपी उसे ले जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हुआ था. दूसरा मामला खजनी थाना क्षेत्र का है. 

जहां स्वर्ण व्यवसाय के 10 वर्षीय पोते वैभव वर्मा की पड़ोसी कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश भट्ट उर्फ बिट्टू शर्मा ने एक करोड़ रुपए फिरौती के लिए हत्या कर दी थी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. तीसरा मामला गोरखपुर के कोतवाली थानाक्षेत्र के जिला चिकित्सालय का है. जहां 28 जुलाई की रात अस्पताल में भर्ती 13 वर्षीय बहन को खाना देकर लौट रही 10 वर्षीय किशोरी को डायल 112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव ने वर्दी में अपाचे बाइक से अगवा करने के बाद दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. ये आरोपी सिपाही भी बच्ची को बाइक पर ले जाते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ था. इसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

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