लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जमुई से सांसद अरुण भारती रविवार (2 अगस्त) को अयोध्या पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की और फिर श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रामलला के दर्शन किए. दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में अरुण भारती ने राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद, संसद में विपक्ष के विरोध और सनातन पर की गई टिप्पणियों को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला.

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इस दौरान उन्होंने विपक्ष के राम मंदिर न जाने पर विपक्ष को दलित विरोधी बताया. उन्होंने कहा, "इसलिए नहीं गए क्योंकि मन्दिर की आधारशिला एक दलित कामेश्वर चौपाल ने रखी था. राम मंदिर की आधारशिला रखने वाले दलित थे इसलिए दर्शन करने नहीं गए." उन्होंने आगे सवाल किया, "क्या आगे माता शबरी के नाम को बदनाम करेंगे? ​माता शबरी के वंशज अपनी आस्था और सम्मान की रक्षा करेंगे जो भी कदम उठाना होगा उठाएंगे."

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राम मंदिर दर्शन के बाद क्या बोले अरुण भारती?

रामलला के दर्शन करने के बाद अरुण भारती ने कहा कि भगवान राम और अयोध्या के संतों का आशीर्वाद उन्हें, उनके परिवार और उनकी पार्टी को हमेशा मिलता रहा है. उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर संतों का आशीर्वाद लेना, उनके प्रति आभार व्यक्त करना और उनके चरणों में शीश नवाना उनका सौभाग्य और कर्तव्य है.

राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर सांसद ने कहा कि जांच रिपोर्ट में किसी भी पुजारी, संत या महंत पर कोई आरोप नहीं है. उनके मुताबिक आरोप केवल ठेकेदार के कर्मचारियों पर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वही लोग भगवान राम और राम मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने पहले मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा का भी विरोध किया था.

विपक्ष पर दलित विरोधी मानसिकता का लगाया आरोप

अरुण भारती ने विपक्ष पर दलित विरोधी मानसिकता का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर की आधारशिला रखने वाले कामेश्वर चौपाल का अपमान किया जा रहा है. उन्होंने माता शबरी का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष लगातार सनातन की आस्था और उससे जुड़े प्रतीकों पर सवाल खड़े कर रहा है.

संसद में विपक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण भारती ने कहा कि सनातन, भगवान और साधु-संतों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह केवल साधु-संतों का नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की आस्था का प्रश्न है और दलित समाज अपनी आस्था व सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा खड़ा रहेगा.

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