शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद कभी भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है. ऐसे में कांग्रेस के द्वारा आज बुधवार (25 फरवरी) को धरना प्रदर्शन का ऐलान किया गया है. इस मामले पर अब समाजवादी पार्टी के गाजीपुर सदर से विधायक जय किशन साहू ने बताया कि जिसको आम जनमानस ने भगवान की उपाधि दिया है और उसके ऊपर ऐसा मुकदमा करना और ऐसे व्यक्ति के द्वारा जो खुद हिस्ट्रीशीटर है. 

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उन्होंने यह भी कहा कि हमारे समझ में नहीं आ रहा है कि जब शंकराचार्य स्नान करने जाते हैं और कुछ बाद विवाद हो जाता है और वह तीन-चार दिनों तक माघ मेले में विरोध प्रदर्शन करते रहें और इस दौरान सीसीटीवी कैमरे भी लगे रहे. मीडिया के लोग भी घेरे रहे हैं और साथ ही आम जनमानस भी उनके साथ 24 घंटे लगे रहे तो उन परिस्थितियों में इस तरह का घृणित कार्य कैसे हो सकता है. इस दौरान उन्होंने कहा कि जेल तो कोई भी जा सकता है आज की जो परिस्थितियों में. किसी पर आरोप लगे इसी को लेकर सरकार इस पर कानून बना रही थी लेकिन किन्हीं परिस्थितियों की वजह से वह कानून पास नहीं हो पाया ऐसे में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह 100% गलत हैं.

समाजवादी पार्टी (सपा) के सदर विधायक जय किशन साहू ने उत्तर प्रदेश सरकार की ‘हर घर जल’ योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि योजना की मंशा अच्छी है, लेकिन जमीनी स्तर पर भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिसके चलते करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आम लोगों को अब तक इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है.

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सपा विधायक ने आरोप लगाया कि योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने, पानी की टंकियां बनाने और अन्य निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से चल रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा. उनका कहना है कि मुख्य ठेकेदार बाहरी हैं, जो काम को पेटी ठेकेदारों को कम दरों पर सौंप देते हैं. नतीजतन पेटी ठेकेदार मानकों की अनदेखी कर घटिया निर्माण कर रहे हैं और सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

जय किशन साहू ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान, विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जो सड़कें और विकास कार्य कराए गए थे, उन्हें भी पाइपलाइन डालने के नाम पर काट दिया गया. कई जगह सड़कों की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसी सड़कें भी क्षतिग्रस्त कर दी गई हैं, जिनका उद्घाटन तक नहीं हुआ था.

विधायक के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन बिछाने का काम कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया है, लेकिन जब पानी की आपूर्ति शुरू की गई तो जगह-जगह पाइप फटने लगे. इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सदर विधायक ने मांग की है कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि योजना का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके.