गाजियाबाद के थाना लोनी क्षेत्र में एक बार फिर जमानत पर बाहर आए युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. 23 वर्षीय तस्लीम की बुधवार देर रात हत्या कर दी गई. वह मार्च 2025 में हुई यूनुस हत्या मामले में जमानत पर बाहर आया था. 

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तस्लीम पर यूनुस नामक व्यक्ति की हत्या का आरोप था. इस मामले में वह और उसका साथी रेहान जेल गए थे. तस्लीम हाल ही में मीठी ईद पर जमानत पर बाहर आया था और सैलून पर काम कर रहा था. पुलिस के अनुसार, कुछ युवकों ने रात में उसे घर से बुलाया, मारपीट की और चाकू से गोद दिया. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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यूनुस के भाई पर शक

परिजनों ने यूनुस के भाई और उसके दोस्तों पर हत्या का शक जताया है. पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

30 मई को हुई थी दूध व्यवसायी की किडनैपिंग

गौरतलब है कि इसी थाना क्षेत्र में 30 मई को दूध व्यवसायी ओमकार सिंह को 8 गोली मारकर अगवा कर लिया गया था. ओमकार आज तक लापता है. इस मामले में भी जेल से जमानत पर आए शैंकी और उसके साथियों का नाम सामने आया था. 

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सर्विलांस में फेल दिख रही पुलिस

दोनों वारदातों में एक समानता है कि आरोपी जमानत पर बाहर आए थे. पुलिस पर आरोप है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में जमानत पर आने वाले अपराधियों की उचित सर्विलांस नहीं की जा रही है. नियम के अनुसार पुलिस को ऐसे अपराधियों की जानकारी रखनी चाहिए और उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए, लेकिन लापरवाही के कारण लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं. 

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर जमानत पर आने वाले हिस्ट्रीशीटरों की सख्त निगरानी रखी जाए तो इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है. पुलिस ने दोनों मामलों में जांच तेज कर दी है और कहा है कि जल्द आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे.

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