उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कावंड़ शिविर की परमिशन के लिए 9 विभाग एक ही छत के नीचे बैठे हैं. जिनको कांवड़ शिविर की परमिशन लेनी है उनके लिए यह वरदान साबित हो रहा है. पिछली साल तक उनको परमिशन लेने के लिए विभागों के दर-दर भटकना पड़ता था. अब एक ही छत के नीचे सारे विभाग बैठकर उनको परमिशन दे रहे हैं. कावंड़ शिविर लगाने वाले इसे अत्यंत खुश है.

Continues below advertisement

गाजियाबाद पुलिस-प्रशासन ने यह कदम प्रक्रिया को सरल बनाने और अनावश्यक दवाब से राहत के लिए बनाया है. साथ ही इसमें संशयों का निस्तारण भी तेज होगा. इसके साथ ही शिविर लगाने वालों की जांच भी जल्दी हो सकेगी.

यह भी पढ़ें: चाय में जहर मिलाती है पत्नी, कानपुर पुलिस को पति ने दिए सबूत

Continues below advertisement

सभी विभागों के प्रतिनिधि मौजूद 

गाजियाबाद में कांवड़ की नोडल अधिकारी एसीपी उपासना पांडे ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में अब कावंड़ शिविर लगाने वालों को हर विभाग के यहां जाने की जरूरत नहीं है. पुलिस लाइन के वर्चुअल कक्ष में सभी विभाग जिसमें पुलिस, ट्रैफिक, खुफिया विभाग, पीडब्ल्यूडी, खाद्य, फायर, मेडिकल, नगर निगम और विधुत विभाग शामिल है के प्रतिनिधि एक ही छत के नीचे बैठे हैं.

कांवड़  शिविर के आवेदक यहां आकर पहले दिन अपनी फाइल जमा करते हैं और अगले दिन उनको फाइल मिल जाती है. इसके अलावा कांवड़  शिविर वालों को निर्देशित किया जा रहा है कि वह अपने वालंटियर रखें साथ ही जहां बाइक या कोई और सामान खड़ा होता है वहां सीसीटीवी लगवाए.  इसके अलावा कांवड़ियों के मोबाइल चार्जिंग के लिए टोकन व्यवस्था करें जिससे जिस कावंड़ियों का मोबाइल हो उसी को उसका मोबाइल मिले.

शिविर संचालकों में खुशी की लहर 

वहीं अपनी परमिशन लेने आए लोग इससे बेहद खुश हैं.  गौरव पांचाल और रमेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि वह पिछले करीब 10 साल से कावंड़ शिविर लगा रहे हैं हर साल परमिशन लेने के लिए उन्हें विभागों के दफ्तर में चक्कर काटने पड़ते थे. लेकिन अब उन्होंने एक दिन पहले अपनी फाइल जमा की थी और अगले उनको परमिशन मिल गई है.

यह भी पढ़ें: CM योगी बोले, 'JNU में ऐसे भटके लोग आपको मिलेंगे, वो...'