उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर बेशक विद्युत विभाग के लिए रिवेन्यू जेनरेशन का अच्छा साधन हो, लेकिन आम जनमानस के लिए यह सिर दर्द बन गया है. प्रचंड गर्मी में स्मार्ट मीटर कब उपभोक्ता की बिजली बंद कर दे, इसका कुछ पता नहीं है. इसी बात को लेकर फिरोजाबाद की महिलाएं लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर रहीं हैं. महिलाओं का आक्रोश इतना है कि लगातार शुक्रवार और शनिवार को महिलाओं ने अलग-अलग बिजली घरों पर प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ भी की.  

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विद्युत वितरण उपखंड मोहम्मदाबाद के नगला सिंघी क्षेत्र के जताई इलाके में महिलाओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर अपना गुस्सा कुछ इस तरह जाहिर किया कि महिलाएं अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ कर बिजली घर में लेकर पहुंच गई और जे के समक्ष मी पटक दिए.

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स्मार्ट मीटर का विरोध हुआ तेज

फिरोजाबाद में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है. झलकारी नगर की महिलाओं ने ककरऊ कोठी बिजलीघर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तोड़फोड़ भी कर दी.

महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद रिचार्ज जल्दी खत्म हो जाता है और बिना अधिक खपत के भी बिजली काट दी जा रही है. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों के मौके से हटने की भी बात सामने आई.

पहले भी हो चुकी तोड़फोड़

इससे पहले भी सुहागनगर फीडर पर विरोध के दौरान तोड़फोड़ और सड़क जाम की घटना हो चुकी है. महिलाओं ने मांग की है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाए जाएं.इससे पहले बीते शुक्रवार को फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र के सुहागनगर इलाके में स्मार्ट मीटर के विरोध में महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा.

सुहागनगर फीडर पर पहुंची महिलाओं ने जमकर हंगामा किया और विरोध जताते हुए केस काउंटर पर तोड़फोड़ कर दी. बताया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से नाराज महिलाएं सड़क पर उतर आईं और सुहागनगर चौराहे पर पहुंचकर रोड जाम करने का प्रयास किया.

पुलिस ने खुलवाया जाम

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए तत्काल जाम खुलवाया. मौके पर काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा. पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया.

रोजाना 200 से 500 खर्च दिखा रहा स्मार्ट मीटर

ग्रामीणों के मुताबिक मीटर रोजाना 200 से 500 रुपये तक का खर्च दिखा रहे हैं और बिजली कटौती से पानी की समस्या भी बढ़ गई है. मौके पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया.

भड़काने का आरोप

इस मामले में जब मोहम्मदाबाद विद्युत वितरण उपखंड के विद्युत उपखंड अधिकारी योगेश शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर के खिलाफ लोगों को कुछ लोग भड़का रहे हैं, उपभोक्ताओं की मानसिकता खराब है.  खराब मानसिकता के उपभोक्ता ही इसका विरोध कर रहे हैं. स्मार्ट मीटर के फायदे बहुत सारे हैं लोगों को समझाया जाएगा, लेकिन इस तरह मीटर उखाड़ कर फेंकना गलत है.

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