उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के कटरिया गांव में 22 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन के पहुंचने के बाद हंगामा और पथराव के मामले के बाद, अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के आने के कार्यक्रम की जानकारी होते ही अब शासन और प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव हो गया है. इसी को लेकर आज गाजीपुर एडीजी वाराणसी पहुंचे और इस पूरे मामले को लेकर मीडिया से मुखातीब होते हुए पूरी घटनाक्रम के बारे में बात किया.

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उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन 5:44 पर पीआरबी को सूचना मिली की कि एक बालिका की गंगा में पुल से कूदने के बाद मौत हो गई है. जानकारी पर पीआरबी पहुंची और शव का पंचनामा करने हेतु भेजा और पीएम में डूबने से मौत होने का कारण सामने आया और किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं पाए गए.

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रात 12 बजे से लड़की गायब थी

इस दौरान पोस्टमार्टम की वीडियो ग्राफी भी कराई गई थी. जानकारी यह हुई की बालिका रात में करीब 12:00 बजे ही घर से चली गई थी और 2:30 बजे के आसपास परिवार के लोगों से संपर्क भी हुआ था, लेकिन सुबह 5:00 के आसपास पुल पर उसका फोन पाया गया था और वहां पर किसी ने फोन कर इन्हें यानी कि पिता को जानकारी दिया था.

मुख्य आरोपी को जेल भेजा गया

बाद में लड़की के पिता के द्वारा दो लोगों के खिलाफ तहरीर दिया गया था और उन्हें मृत्यु का जिम्मेदार बताया गया था. जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया था. इसके बाद अधिकारियों के द्वारा अमेरिका के परिजनों के द्वारा विस्तार पूर्वक पूरी घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली गई थी.

एडीजी ने बताया कि परिवार ने अब तक पुलिस के द्वारा किए गए कार्रवाई पर अपना संतोष जताया है. वह चाहते हैं कि दोषी को जल्द से जल्द सजा दिया जाए. जिसको लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट जिसको लेकर पुलिस विवेचना में लगी हुई है.

डेलिगेशन में 15 लोगों को अनुमति थी

एडीएजी पियूष मोर्डिया ने कहा कि कुछ लोगों के द्वारा मृतिका के घर पर डेलिगेशन के रूप में जाने के लिए जोर दिया गया. जब यह नहीं माने, तब 15 लोगों को अनुमति दिया गया. लेकिन डेलिगेशन जब पहुंचा तो करीब ढाई सौ लोगों के आसपास पहुंचे. इसके बाद मृतिका के परिवार को चौराहे पर लाकर मुलाकात कराई गई.

इसी दौरान गांव का ही एक व्यक्ति जो डेलिगेशन के समर्थन में था गांव के एक व्यक्ति की पिटाई कर दी गई थी. इसके बाद घायल व्यक्ति को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के द्वारा बाहर से आए हुए लोगों के सामने खड़ा किया गया और पीटने का कारण पूछा गया. तब डेलिगेशन के लोगों ने पथराव कर दिया पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए हमारे पुलिसकर्मियों को भी चोटे आई थी.

20 आरोपी अब तक गिरफ्तार

वही मुकदमा लिखा जाने के बाद 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इस दौरान उन्होंने विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया की भ्रामक तथ्यों को प्रचारित ना होने दे. कुछ लोगों ने यह भी प्रचलित किया कि बालिका के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया था, जो घटनाक्रम में कहीं प्रदर्शित नहीं हुआ, ना ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कुछ आया है.

ऐसे में भ्रामक प्रचार करना कतई सही नहीं है, जिससे परिवार और आमजन में अनावश्यक अशांति फैलेगी. पुलिस की तरफ से एडीजी ने सभी को आस्वस्त किया कि मामले में सभी नामजद और अन्य लोगों के भूमिका की जांच कर रहे हैं और ऐसे में जो परीक्षण के उपरांत निर्दोष पाए जाएंगे उन्हें न्याय दिलाएंगे.

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