उत्तर प्रदेश स्थित कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों द्वारा दायर किए गए यौन शोषण के मामले से बरी होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर निशाना साधा. एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कहा कि यह सारी साजिश कांग्रेस और भूपिंदर सिंह हुड्डा की थी. 

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विपक्षी पार्टियों को लेकर सिंह ने कहा कि इनकी विश्वसनीयता जनता के भीतर खत्म हो गई है.  जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रोटेस्ट का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि बीते कुछ समय से देख रहा हूं कि विपक्षी दल किसी के पीछे आकर आंदोलन करते हैं. 

मेरा कोई नुकसान नहीं हुआ- बृजभूषण शरण सिंह

यह लोग महिला पहलवानों के पीछे खड़े हो गए हैं. महिला पहलवानों को कांग्रेस और भूपिंदर सिंह हुड्डा लाए थे. उन्होंने कहा कि एथलीट्स के लिए मेरी यह सलाह है कि वह मेहनत करें और पदक ले कर आएं. मेरा तो जो होना था हो गया. मेरा कोई नुकसान नहीं हुआ.

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दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया. अदालत के विस्तृत आदेश का अभी इंतजार है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था.

क्या है पूरा मामला?

बता दें 2 जुलाई को अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.यह मामला छह महिला पहलवानों की ओर से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है. जनवरी 2023 में जब नए संसद भवन का उद्घाटन हो रहा था, तो उससे कुछ किलोमीटर दूर ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने साथी पहलवान विनेश फोगाट के साथ मिलकर पूर्व भाजपा सांसद पर यौन उत्पीड़न और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया. उनकी शिकायतों के आधार पर पुलिस ने सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.

दिल्ली पुलिस की एफआईआर में बृजभूषण सिंह के अलावा डब्ल्यूएफआई के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर का नाम शामिल किया गया.जून 2023 को पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ कई धाराओं के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया था. ट्रायल कोर्ट ने मई 2024 को 5 महिला पहलवानों के उत्पीड़न और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप तय किए थे.एक नाबालिग पहलवान ने भी बृजभूषण पर आरोप लगाए थे. हालांकि, बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली और दिल्ली पुलिस ने 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (पोक्सो एक्ट) के तहत उस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की. ​​इसके बाद मामला बंद कर दिया गया था.