उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र इस बार भी जबरदस्त हंगामेदार रहने वाला है. समाजवादी पार्टी ने सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी से लेकर नीट पेपर लीक व तमाम मुद्दों को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया. सपा के तमाम विधायक अपने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की. 

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सपा विधायकों ने मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. संसद की तरह सपा विधायक यूपी विधानसभा में दानपात्र लेकर पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने 'चंदा चोर गद्दी छोड़' के नारे लगाए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पूछा कि प्रभु श्रीराम का पैसा कहां गया? इस दौरान उनके हाथों में नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर भी पोस्टर दिखे.  

शिवपाल यादव ने उठाए सवाल

वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के विधायक और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने मानसून सत्र बहुत छोटा बुलाए जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि तीन दिन का सत्र बुलाकर ये सरकार निंदनीय काम कर रही हैं. प्रदेश में समस्याएं बहुत हैं, बहुत समस्याओं से ये सरकार भाग रही है. 

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सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी का सवाल, युवाओं का सवाल और इतने कम समय में लोकतंत्र की समस्याओं को हल नहीं किया जा सकता है. इसलिए सरकार ने जो छोटा सा मानसून सत्र बुलाया है इसकी हम कड़ी निंदा करते हैं. 

सतीश महाना ने दिया विपक्ष को आश्वासन

यूपी विधानसभा सत्र के स्पीकर सतीश महाना ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने भरोसा दिया कि विपक्ष को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जाएगा. सतीश महाना ने कहा कि "विपक्ष को इस बात की छूट है कि वो अपनी बात कहें, नियमों के अनुसार अपनी बात कहें. उनको पूरा अवसर दिया जाएगा." 

स्पीकर ने कहा कि विपक्ष को भी पूरा अवसर मिलेगा. लेकिन, हंगामा करना और इस तरह का व्यवहार करना जो जनता भी अच्छा ना लगे और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध हो ये ठीक नही हैं. वो अपनी बात कहें मैं उन्हें बात रखने का पूरा मौका दूंगा. 

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