वाराणसी के शहरी क्षेत्र में जमकर हुई आतिशबाजी के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स में हैरान करने वाला परिवर्तन हुआ है, जो साफ इशारा कर रहा है कि एक रात में हुई आतिशबाजी से शहर की हवा जहरीली हो चुकी है. शहर का AQI लगभग 200 के करीब पहुंचने वाला है. अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में प्रदूषण का असर देखा जा रहा है. सबसे हैरानी की बात यह की अलग-अलग जगह पर दीपावली की रात जमकर हुई आतिशबाजी का भी प्रभाव  साफतौर पर महसूस किया जा रहा है. 

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वाराणसी शहर का AQI 

आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर के महीने में बीते सालों से वाराणसी के शहरी क्षेत्र में प्रदूषण के प्रभाव को इनकार नहीं किया जा सकता. वहीं इस बार दीपावली के दिन वाराणसी में जमकर आतिशबाजी हुई, जिसके बाद वाराणसी शहरी क्षेत्र की हवा में सांस लेना स्वास्थ्य को चुनौती देने के बराबर हो चुका है.

रविवार (19 अक्टूबर) को वाराणसी जनपद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 125 के करीब था जबकि 20 अक्टूबर से वाराणसी ( शहरी ) क्षेत्र का AQI 191 के करीब पहुंच चुका है. यह परिवर्तन  बताता है कि कुछ ही घंटे के अंतराल में शहर की हवा में किस तरह से बदलाव हुआ है और निश्चित ही एयर क्वालिटी इंडेक्स का वर्तमान आंकड़ा लोगों के लिए खतरे की घंटी जैसा है. 

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फिलहाल कुछ घंटे से  शहर की खुली हवा में सांस लेना स्वास्थ को चुनौती देने से कम नहीं है. वहीं वर्तमान समय में वाराणसी के अलग-अलग जगह पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 160 से ऊपर है. लोगों में दूषित हवा से अब चिंता सताने लगी है.

वाराणसी के इन क्षेत्रों का AQI आंकड़ा 160 

वाराणसी का अर्दली बाजार क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रदूषित माना जा रहा है. इसके अलावा लंका भेलूपुर मलदहिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 160 के करीब है. हेल्थ एक्सपोर्ट की माने तो लोगों को खासतौर पर बाहर निकलते समय अच्छे मास्क का प्रयोग करना चाहिए. इसके अलावा अस्थमा सांस के मरीजों को इस प्रदूषित हवा से बचाव के लिए हर संभव उपाय अपनाने के साथ-साथ बेहद सतर्क रहना चाहिए.