उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थियों के शांतिपूर्ण धरने के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा महिला अभ्यर्थी को थप्पड़ मारने की घटना ने माहौल गरमा गया. अपनी नियुक्तियों की मांग को लेकर अभ्यर्थी बीते कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे.

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सोमवार (8 दिसंबर) को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे हर तरफ नाराजगी दिख रही है. अब इस थप्पड़-कांड पर विवाद खड़ा हो गया है. प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों द्वारा मामले पर विरोध जताया गया. आरोपी महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई.

घटना पर अभ्यर्थियों ने क्या कहा?

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे बिना किसी अव्यवस्था और हिंसा के अपनी जायज मांग रख रहे थे. उनका कहना है कि नौकरी की मांग करना कोई गुनाह नहीं, फिर भी बार-बार छात्रों और युवा अभ्यर्थियों के साथ बदसलूकी की घटनाएं सामने आती रहती हैं. 

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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी का ऐसा व्यवहार न केवल अनुचित है, बल्कि यह युवाओं के मनोबल को भी तोड़ता है. घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा इस तरह का बल प्रयोग क्यों किया जा रहा है? 

अपनी नियुक्तियों की मांग कर रहे थे छात्र

नर्सिंग अभ्यर्थियों का कहना है कि वे केवल अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी आवाज को दबाने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि असंतोष और बढ़ेगा. अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि किसी महिला अभ्यर्थी के साथ हाथापाई की घटना बेहद निंदनीय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

अभ्यर्थियों द्वारा मांग की गई है कि दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जाए और ऐसे हालात दोबारा पैदा न हों. इसके लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं. अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

बता दें कि इससे पहले भी छात्रों के आंदोलनों में लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की की घटनाएं सुर्खियों में रह चुकी हैं, जिससे पुलिस के व्यवहार को लेकर लगातार बहस जारी है. घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.