उत्तराखंड के देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीते शनिवार को अचानक अखाड़े में तब्दील हो गया था. रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ एक स्कूल का नाम बदलवाने की मांग लेकर शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के दफ्तर पहुंचे थे. बात बनने की बजाय बिगड़ गई और देखते-देखते दफ्तर में कुर्सियां उड़ने लगीं, मारपीट हुई और कई लोग चोटिल होकर अस्पताल पहुंचे. अब इस मामले में चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं.

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पुलिस जांच में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है. जिन राकेश थपलियाल को इस हंगामे में गिरफ्तार किया गया है, उनकी पत्नी इसी शिक्षा विभाग में हेडमास्टर हैं और शिक्षक संघ की ब्लॉक कार्यकारिणी में महिला उपाध्यक्ष भी. माना जा रहा है कि यही विभागीय पकड़ इस पूरे विवाद को निदेशालय तक खींच लाई और मामले ने इतना उग्र रूप लिया.

हिस्ट्रीशीटर भी था भीड़ में

वीडियो फुटेज खंगालने के बाद रायपुर पुलिस ने चार आरोपियों को धर दबोचा. इनमें अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली शामिल है, जो रायपुर क्षेत्र का जाना-पहचाना हिस्ट्रीशीटर है. बाकी तीन राकेश थपलियाल, लक्ष्मण नवानी और अक्षय राणा तोड़फोड़ और हंगामे के आरोप में पकड़े गए हैं. पुलिस की इस कार्रवाई से हंगामा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है.

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दोनों तरफ से FIR

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं. निदेशक की तहरीर पर विधायक काऊ और उनके समर्थकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, बलवा और जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है. वहीं विधायक के गनर की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और बंधक बनाने का मुकदमा कायम किया गया है.

बहरहाल ये मामला पूरी तरह तूल पकड़ चुका है. मारपीट के मामले में शिक्षकों और कर्मचारियों ने दो दिन कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है. जबकि विधायक ने उस घटना के लिए माफी भी मांगी थी.