देहरादून में गुरुवार (6 अगस्त) को अग्निवीर योजना के खिलाफ कांग्रेस का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला. तेज बारिश के बावजूद सैकड़ों पूर्व सैनिक, कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर लैंसडाउन चौक तक निकाली गई इस आक्रोश रैली में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.

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यह रैली उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की पूर्व सैनिक इकाई की ओर से कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी की अध्यक्षता में आयोजित की गई. इस दौरान चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे.

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सत्ता में आते ही योजना खत्म करने का वादा

रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी शुरुआत से ही अग्निवीर योजना के खिलाफ रही है. नेताओं ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही सबसे पहले इस योजना को खत्म किया जाएगा और सेना में पहले की तरह स्थायी भर्ती प्रक्रिया को बहाल किया जाएगा.

कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने उत्तराखंड के सैन्य इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही धरती है जिसने देश को दो सेना प्रमुख और वीर चक्र से सम्मानित जसवंत सिंह रावत जैसे वीर सपूत दिए हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे गौरवशाली प्रदेश में 4 साल जैसी अस्थायी भर्ती थोपना सरासर अन्याय है. उनके मुताबिक, अग्निवीर योजना दशकों पुरानी सैन्य परंपरा को खत्म कर रही है और जवानों को महज चार साल बाद अनिश्चित भविष्य की दहलीज पर छोड़ देती है.

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युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं करने की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनका कहना था कि अग्निवीर योजना के खिलाफ और बेरोजगार युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी.

साथ ही सरकार को चेतावनी देते हुए कांग्रेस ने कहा कि यदि अग्निवीर योजना पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो प्रदेश के कोने-कोने में इसी तरह के आंदोलन आयोजित किए जाएंगे.