सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है. लेकिन मेरठ के आकाश सैनी की कांवड़ की चर्चा पूरे उत्तर प्रदेश में हो रही है. आकाश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की मन्नत के लिए 301 लीटर की कांवड़ उठाई है.
ये कांवड़ जहाँ-जहाँ से गुज़र रही है इसे देखने के लिए लोगो की भारी भीड़ उमड़ रही है. दरअसल ये कांवड़ इस बार सबसे बड़ी और सबसे भारी कांवड़ है. मेरठ के वलीदपुर गांव के किसान सैनी के बेटे आकाश सैनी ने 301 लीटर की कांवड़ उठाकर इस बार सबको चौंका दिया है.
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नगद-बाइक सम्मान में मिली
ये कांवड़ जहाँ-जहाँ पहुँच रही है वहाँ वहाँ इसका भव्य स्वागत हो रहा सम्मान में शील्ड,मेडल के अलावा नगद पुरस्कार भी दिया जा रहा है. मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर सैनी समाज ने सम्मान में एक बाइक भी दी है. हालाकि 22 जून को आकाश ने ये कांवड़ हरिद्वार से उठाई थी और अब वो मेरठ के मोदीपुरम पहुँच गए है और उन्हें उम्मीद है कि 10 अगस्त तक वो मेरठ के औघड़नाथ मंदिर पहुँच जाएँगे जहाँ वो भोलेनाथ का जलाभिषेक कर भोले का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.
मदद के लिए दस टीमें लगीं हैं
एबीपी न्यूज़ से ख़ास बातचीत के दौरान आकाश सैनी ने बताया कि उनके साथ दस भोले की टीम है जो उनकी मदद में लगी रहती है. भोले ने बताया कि कांवड़ को बड़ी आस्था और भक्ति के साथ ला रहे है यही वजह है सुबह स्नान के बाद दो किलोमीटर चलते है और फिर शाम को स्नान करके कांवड़ उठाते है और करीब तीन किलोमीटर का सफर तय करते है.
उन्होंने बातचीत में बताया की इस कांवड़ को उठाने के पीछे का मकसद योगी को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाना और गऊ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने की मनोकामना के लिए ये कांवड़ उठाई है. उससे पहले आकाश 250 मीटर की कांवड़ लेकर आ चुके है.
कांवड़ देखने उमड़ रहे लोग
जब ये कांवड़ मेरठ पहुंची तो इस कांवड़ को देखने के लिए भीड़ लग गई और जब एबीपी न्यूज़ ने उनसे बात की तो उनका कहना था कि इतनी बड़ी कांवड़ उन्होंने अभी तक इस मेले में नहीं देखी और कुछ कांवड़ियों ने तो कहा कि जितनी हाइट उनकी है उससे ज़्यादा हाइट तो उस कांवड़ की है.
एक बुजुर्ग तो कांवड़ देखकर रोने लगे और कहा ये सब बाबा की कृपा है. इतनी बड़ी कांवड़ कैसे उठा ली ये देखने के लिए मैं बहुत दूर से आया हूँ. इस समय आकाश सैनी महज़ 22 साल के है लेकिन इस उम्र में ही उन्होंने सोशल मीडिया और पश्चिमी यूपी में अपनी अलग पहचान बना ली है.
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