उत्तराखंड के देहरादून में दो दिन पहले हुए बीजेपी कार्यकर्त्ता विनोद कश्यप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मृतक के परिजनों ने साफ कह दिया है कि जब तक खून का बदला का खून से नहीं लिया जाएगा तब तक हम पंचनामा पर साइन नहीं करेंगे और न बॉडी लेंगे.

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यही नहीं इस मामले में परिजनों ने स्थानीय पुलिस ने भी आरोप लगाए हैं.इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी सरकार के रवैये पर भी नाराजगी जताई है. उनके मुताबिक अभी तक मुख्या आरोपी फरार है. हत्या के दो दिन बीत चुके हैं, जो पुलिस की लापरवाही का बड़ा सुबूत है.

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पंचनामा भरने से इनकार 

परिजनों की माँग है कि जबतक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते उन्हें सजा नहीं मिलती तबतक हम बॉडी नहीं लेंगे पंचनामा नहीं भरेंगे. मृतक विनोद बीजेपी ओबीसी मोर्चे का जिला मीडिया सह प्रभारी था. जिसकी हत्या कर दी गई. विनोद के भाई अशोक ने बताया की हत्या के बाद उन्होंने नामजद एफ आई आर कराई. बुलडोजर भी मासूम के घर पर चला बाकी के घर पर नहीं चला. 

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मृतक विनोद के भाई अशोक कश्यप ने बताया कि जिन चार लोगों को पुलिस गिरफ्तार करने का दावा कर रही है दरअसल उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया उन्होंने ख़ुद को पुलिस के हवाले किया है.पुलिस निष्पक्ष काम नहीं कर रही है. पुलिस की कार्यशैली संदेह के घेरे में है.

पिता बीजेपी से बेहद खफा 

पिता भगवत प्रसाद कश्यप का कहना है कि हमने अपनी सारी जिंदगी बीजेपी का झंडा उठाने में खपा दी. विपक्ष हमें खरीद नहीं पाया, अपनी जेब से पैसा खर्च कर रैलियों में गया. लेकिन आज हमारा बेटा मार दिया गया जो ख़ुद बीजेपी के लिए दिन रात काम करता था, लेकिन सरकार को हमारी कोई चिंता ही नहीं है. हम तबतक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जबतक खून के बदले खून नहीं मिलता. अब सरकार और प्रशासन तय करे उसे क्या करना है.

वहीं मृतक विनोद की पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है विनोद के दो बच्चे है पत्नी का कहना है की उनका पालन पोषण कैसे होगा. हम कुछ नहीं जानते जो मेरे पति के साथ हुआ वही उन लोगो के साथ भी हो.

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