उत्तराखंड में आगामी वीवीआईपी कार्यक्रमों के मद्देनजर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कोतवाली पटेलनगर क्षेत्र में स्थानीय पुलिस और एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) की संयुक्त टीम ने दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रही थीं. दोनों महिलाओं के पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर नियमानुसार डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिले में सभी थाना क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के दौरान संस्कृति लोक कॉलोनी, पटेलनगर में दो संदिग्ध महिलाएं मिलीं. पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे अवैध रूप से बांग्लादेश से भारतीय सीमा में घुसी थीं. तलाशी के दौरान उनके मोबाइल फोन से बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद हुए, जिससे उनकी पहचान की पुष्टि हुई.
फर्जी नाम और दस्तावेज का इस्तेमाल
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान स्वाति उपाध्याय उर्फ मरियम पुत्री सिद्दीक अकोन, निवासी जिला बरगुना, बांग्लादेश और शिवली अख्तर उर्फ जॉली उर्फ सना पुत्री जसमुद्दीन, निवासी जिला कुमिल्ला, बांग्लादेश के रूप में हुई है. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे अलग-अलग समय पर भारत आईं और बाद में दिल्ली में मिलीं, दिल्ली से दोनों एक साथ देहरादून आई थीं.
भारतीयों से कर ली शादी
स्वाति ने दिल्ली से देहरादून लाने वाले टैक्सी चालक धर्मवीर से बातचीत के दौरान दोस्ती कर उससे विवाह कर लिया. उसकी एक साल की पुत्री है. वहीं शिवली ने सहारनपुर में एक कारपेंटर सलमान से शादी की, जिससे उसका दस माह का बेटा है. दोनों ने भारतीय नागरिकों से विवाह कर यहां स्थायी रूप से बसने की योजना बनाई थी. पुलिस और एजेंसियां अभी ऐसे संदिग्ध नागरिकों की तलाश कर रहे हैं. सूचना है कि अभी इस तर्क के कुछ केस और भी निकल सकते हैं.