Dehradun News: होमगार्ड की छवि में बदलाव और होमगार्ड के जवानों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए देहरादून (Dehradun) की आर्मी फायर रेंज में राज्य की महिला होमगार्डस को पहली बार हथियारों का प्रशिक्षण दिया गया. होमगार्ड की ये महिला जवान अब पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग देने के लिए तैयार हैं. उत्तराखंड होमगार्डस सेवा में कुछ ऐसे बड़े बदलाव किए जा रहे हैं जो होमगार्डस की छवि को बदलने में कारगर साबित होंगे. ये प्रशिक्षण देहरादून के मोथरोवाला स्थित आर्मी की फायर रेंज में दिया जा रहा है. 


पिछले करीब 6 महीनों में ऐसे कई निर्णय लिए गए हैं जो होमगार्डस को पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाने में सहयोग करेंगे. इसी कड़ी में पहली बार महिला होमगार्डस को हथियार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके तहत 65 महिला होमगार्डस का बैच प्रशिक्षित किया गया है. ये महिलाएं अब एक नये जज़्बे के साथ तैयार हैं.


पुलिस के एक्सपर्ट जवान और अधिकारी दे रहे ट्रेनिंग
राज्य में ऐसा पहली बार है जब महिला होमगार्ड को बंदूकें चलाते हुए देखा जा रहा है. दरअसल, अभी तक होमगार्ड आपको चौक-चौराहों पर ट्रेफिक कंट्रोल करते या फिर दफ्तरों में काम करते हुए ही दिखाई दिए होंगे, लेकिन अब उनका क़द बढ़ाकर उन्हें क़ैदियों को लाने ले जाने, बैंकों में सिक्योरिटी सहित बड़े प्रतिष्ठानों में तैनाती दी जा सकेंगी. आईजी होमगार्ड केवल खुराना ने होमगार्ड की बेहतर सेवाओं के लिए इस प्रशिक्षण शिविर को रखा है. 


पुलिस के एक्सपर्ट जवानों और अधिकारियों द्वारा ये ट्रेनिंग दी गई है. डीआईजी होमगार्ड राजीव बलूनी ने बताया कि 13 दिनों का ये प्रशिक्षण रखा गया है, इससे होमगार्ड के जवान बेहतर हथियारों का प्रशिक्षण लेकर बेहतर तरह से अपनी सेवाएं दे सकेंगे. महिला होमगार्ड का ये जलवा देखते ही बनता है. 


डीआईजी होमगार्ड राजीव बलूनी ने बताया कि हथियारों के प्रशिक्षण के बाद जहां इन जवानों का मनोबल ऊंचा होगा वहीं इनकी बेहतर सेवाएं भी राज्य को मिल सकेंगी. इतना ही नहीं होमगार्ड को लेकर बनी एक आम छवि भी बेहतर होगी. क़ैदियों को लाने ले जाने, बैंकों में सिक्योरिटी सहित बड़े प्रतिष्ठानों में अब ये होमगार्ड की महिला जवान अपनी बेहतर सेवाओं को देती हुई एक नये जज़्बे के साथ दिखाई देंगी.


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