'कोरोना काल का कर्मयोग' e-कॉन्क्लेव LIVE: कांग्रेस नेता हरीश रावत बोले- कोरोना के दौरान पूरे देश की सेहत बिगाड़ दी गई
कोरोना महामारी ने समूचे देश को बहुत प्रभावित किया है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भी इससे अछूते नहीं हैं. ऐसे में इस कॉन्क्लेव में कोरोना काल के दौरान राजनेताओं से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान और उनकी नीतियों पर चर्चा हो रही है. पल पल की अपडेट के लिए बने रहें ABP Ganga के साथ.
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने इस तरह से प्रभावित किया है कि पूरे देश में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है. ऑक्सीजन के लिए तड़पते मरीज हों या...More
आरके नेत्रालय वाराणसी के डॉक्टर आरके ओझा ने कहा कि मुझे लगभग प्रैक्टिस करते हुए 20 साल से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन मैंने इतना विकट समय नहीं देखा है. मुरादाबाद के डॉक्टर मोहम्मद शोएब ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में बेड के लिए लोगों ने दिल्ली से भी फोन किए.
हरीश रावत ने कहा कि कुंभ को जनवरी से ही शुरू कर देना चाहिए था. मकर संक्रांति से अगर यह शुरू हो गया होता तो दूसरी लहर के दौरान सख्ती से लोगों को रोका जा सकता था. लेकिन सरकार ने कुंभ को लेकर कोई तैयारी नहीं की.
हरीश रावत ने कहा कि मैंने सरकार को सुझाव दिया कि लोगों के खाते में एक हजार रुपये डाल दीजिए. इससे लोग सैनिटाइजर, मास्क जैसी चीजें खरीद सकेंगे. लेकिन सरकार ने बात नहीं सुनी. लोगों के पास पैसा नहीं था इस वजह से वो कोरोना कर्फ्यू के दौरान बाहर निकलने को मजबूर हुए.
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि कोरोना के दौरान पूरे देश की सेहत बिगाड़ दी गई. दिल्ली को कोरोना कैपिटल के रूप में जाना जाने लगा. ऐसे में उत्तराखंड भी अपवाद नहीं है. यहां भी देहरादून समेत सभी शहरों में हालात बिगड़ गए.
कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार पहले सोचती थी कि कोरोना कर्फ्यू न लगाना पड़े. लेकिन मजबूरी में हमें कोरोना कर्फ्यू लगाना पड़ा. अभी भी उत्तराखंड में दो हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन जब तक नए मामले आने की संख्या कम नहीं होती है तब तक कर्फ्यू जारी रहेगा.
हरक सिंह रावत ने कहा कि इतनी बड़ी आपदा आई कि तैयारी अधूरी रह गई. लेकिन अब धीरे-धीरे हालात में सुधार हो रहा है. पहाड़ों पर इलाज देने के लिए खास तैयारी की जा रही है.
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले 5 गना कम हुए हैं. कोरोना कर्फ्यू का काफी ज्यादा फायदा मिला है. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आपदा आने वाली है इसका अंदाजा किसी को नहीं था.
जय प्रताप सिंह ने कहा कि विपक्षी नेताओं को सरकार के साथ काम नहीं करना है, बल्कि उन्हें सिर्फ एक बयान देना है. 8 मार्च 2020 को कोरोना का पहला मामला आया था. उस वक्त देश में संसाधन नहीं थे. मगर एक साल के अंदर संसाधन बढ़ाए गए. सभी अस्पतालों को अपग्रेड किया गया. मरीजों को एल-1, एल-2 एल-3 श्रेणी की व्यवस्थाओं में बांटा गया. कई जिलों में होम आइसोलेशन के बेड खाली पड़े हुए हैं. हमने बड़े पैमाने पर टेस्टिंग बढ़ाई है. आज रोजाना 3 लाख 59 हजार से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं.
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने कहा कि कोरोना काल में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मरीज बहुत ज्यादा थे और अस्पताल में बेड काफी कम थे. इसके बाद सरकार के निर्देशों पर हमने बेड की संख्या बढ़ाई. इसके बाद मरीजों को समुचित इलाज देने के लिए डॉक्टरों की बढ़िया ढंग से तैयारी की गई.
जय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक हमने कोरोना की संभावित तीसरी लहर को बहुत गंभीरता से लिया है. जून के आखिर तक हमारे सारे संसाधन तैयार हो जाएंगे. इसके बाद इंतजार किया जाएगा कि क्या असर रहता है.
यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य में कोरोना टेस्टिंग को काफी ज्यादा बढ़ा दिया गया है. एक साल में हमने यूपी में काफी संसाधन बढ़ा दिए हैं. हमने तीसरी वेव की आशंका पर भी पूरी तैयारी बना रखी है.
बोर्ड की परीक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि कल तक इस बात की जानकारी हो जाएगी. अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को बोलने से पहले यह सोचना चाहिए कि बच्चों के लिए दुनिया में कोई कोरोना का टीका अभी बना नहीं है.
यूपी के डिप्टी सीएम ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त इलाज किया जा रहा है. प्राइवेट अस्पतालों में भी दाम तय किए गए. गरीब लोगों को सहायता दी जा रही है. जिनके पास साधन नहीं हैं उन्हें मुफ्त राशन दिया जा रहा है और सामुदायिक किचन चलाकर मुफ्त भोजन की भी व्यवस्था की जा रही है.
दिनेश शर्मा ने कहा कि आज प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट 0.7 फीसदी के आसपास है. जून में बड़े स्तर वैक्सीनेशन का काम किया जाएगा. जून महीने में हम एक करोड़ से ज्यादा टीके लगाने जा रहे हैं. बिना किसी भेदभाव के केंद्र सरकार वेक्सीन उपलब्ध करा रही है.
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि मार्च 2020 में जब कोरोना की शुरूआत हुई थी तो यूपी में हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं थी. आगरा में जब पहला मरीज मिला तो इलाज के लिए हमें उसको दिल्ली भेजना पड़ा. आज लाखों की संख्या में हमारे पास बेड उपलब्ध हैं. 97 हजार से अधिक राजस्व गांवों में स्क्रीनिंग का काम चल रहा है. 70 हजार से अधिक निगरानी समितियों का गठन किया गया है.
अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद हर मंडल का निरीक्षण किया है. अब कोई बड़ी कठिनाई नहीं आने वाली है. कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है.
ACS होम अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए हमने कंट्रोल रूम बनाया है. आज अगर किसी को घर पर भी ऑक्सीजन चाहिए तो इसकी सुविधा उपलब्ध है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी काफी मजबूती से काम किया गया है. सतर्कता अभी भी बनी हुई है.
संदीप सिंह ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके लिए बच्चों पर खास फोकस किया जा रहा है. ऑक्सीजन की कमी को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति अचानक आई. इससे पहले मेडिकल ऑक्सीजन की खपत इतनी कभी नहीं थी.
MOS मेडिकल एजुकेशन संदीप सिंह ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर यूपी में अब काबू की स्थिति में है. शासन प्रशासन के सहयोग से रिकवरी रेट लगातार सुधर रहा है. डेथ रेट अभी 1.1 फीसदी के आसपास है. अन्य राज्यों की तुलना में ये अभी काफी कम है. टेस्टिंग की क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है. कोरोना में कोरोना से मौत की संख्या में कमी आई है.
रणवीर प्रसाद, राहत आयुक्त ने बताया कि कोरोना महामारी के काऱण बीते वर्ष लोगों का पलायन देखा गया था. हमने इसके लिए पहले से तैयार कर ली थी. प्रदेश में बड़ी संख्या में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए. हम लोगों ने कम्युनिटी 450 किचन बनाए. इसके माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन दिया जा रहा है. अभी तक 9 लाख पैकेट वितरित कर चुके हैं. हमारी कोशिश है कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान जरूरतमंदो को भोजन की समस्या ना हो. इसके अलावा दिहाड़ी मजदूरों को उनके लिए भरण पोषण व्यवस्था की गई है. उसके लिए शहरों और गांवों में सर्वे का काम किया जा रहा है. सर्वे के बाद उन्हें 1,000 रुपये की राशि प्रति महीना दी जाएगी. इस बार कोरोना कर्फ्यू के दौरान सवा तीन लाख लोग प्रवासी मजदूर आए हैं. पहले के मुकाबले स्थिति सुधरी है.
प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस विभाग के 90 फीसदी कर्मियों को वैक्सीन लगवा दी गई है. 1234 पुलिसकर्मी अभी कोरोना संक्रमित हैं. कोरोना के साथ अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस टीमों को प्लानिंग के साथ तैनात किया गया है.
ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने प्रतिदिन ये टारगेट तय किया कि हमें क्या करना है. हर विभाग में अलग से प्लान तैयार किया गया. इसी वजह से हम लोगों ने कोरोना के मामलों को कंट्रोल किया. जब ऑक्सीजन की सप्लाई कम हुई तो हमने रेलवे में भी ग्रीन कॉरीडोर बनाया.
कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने कहा कि इस साल हम 38 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं. पिछले साल हमने 35 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही खरीद था. कृषि से संबंधित हमने बहुत काम किया है. नए केंद्रों में किसान पहले ही फसल लेकर आ गए थे इस वजह से थोड़ी समस्या हो गई थी. हम लोग लगातार इसपर निगाह रखे हुए हैं.
नवनीत सहगल ने बताया कि बड़े स्तर पर कोरोना की टेस्टिंग करने के बाद भी कोरोना के मामले ज्यादा नहीं आ रहे हैं. इसका साफ मतलब है कि राज्य में संक्रमण कम हुआ है. प्रदेश में टीकाकरण की संख्या बढ़ाई जा रही है.
ACS नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन T के साथ काम किया है... ट्रेस, ट्रैक और ट्रीट. इसके साथ ही आंशिक कोरोना कर्फ्यू से भी कोरोना के मामले घटे हैं. यूपी में आज 80 फीसदी से ज्यादा मामले घटे हैं. प्रदेश सरकार लगातार कोरोना की टेस्टिंग बढ़ा रही है.
मनोज सिंह ने कहा कि यूपी में पंचायत चुनाव मजबूरी में कराना पड़ा. हाईकोर्ट ने इसके लिए आदेश दिया था. आज भी कोरोना के मामले गांव से ज्यादा शहरों में हैं ऐसे में बिना किसी डाटा के ये कहना कि पंचायत चुनाव से कोरोना फैला ये सही नहीं होगा.
यूपी के अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से निपटने के लिए 60 हजार निगरानी समितियां बनाई गई, वहीं शहरों में 12 हजार से अधिक निगरानी समितियां बनाई गई. जब से चुनाव हुए हैं सभी ग्राम प्रधान निगरानी समितियों के साथ मिलकर कोरोना से निपटने के प्रयासों में लगे हुए हैं.
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी में संक्रमण दर कम हुई है और रिकवरी रेट बढ़ा है. हम तीन लाख से ज्यादा लोगों को हर दिन कोरोना का टीका लगा रहे हैं. कोरोना के बाद भी जिन्हें दिक्कत हो रही है उन्हें पोस्ट कोविड वार्ड बनाकर मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है.
योगी सरकार के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना e-कॉन्क्लेव के पहले मेहमान हैं. यूपी में कोरोना का संक्रमण तो धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन मृत्यु दर चिंता का विषय है इस सवाल पर सुरेश खन्ना ने कहा कि हम लगभग साढ़े तीन लाख टेस्ट रोज कर रहे हैं. आज 2287 नए मामले सामने आए हैं. हर स्तर पर हम देखेंगे तो गिरावट सामने आई है. हमसे छोटे राज्यों में केस ज्यादा आ रहे हैं.
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