उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में 15 अप्रैल को हुई नाबालिग की हत्या के मामले को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा. इसी क्रम में एक और सियासी बवाल सीतापुर जिले में देखने को मिला जब रविवार (27 अप्रैल) को पुलिस ने यहां कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को हाउस अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की थी.  इस कार्रवाई से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर नाराज  हो गए और अपने समर्थकों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. 

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कांग्रेस सांसद लोहार बाग स्थित अपने आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठे हैं. यहां उन्होंने शहर कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुद को फांसी देने की मांग की. देर रात तक सांसद को पुलिस अधिकारी मनाते रहे लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए. 

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कांग्रेस के 21 सदस्यीय डेलिगेशन में सीतापुर  के कांग्रेस सांसद राकेश राठौर भी गाजीपुर पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे, जिन्हें कोतवाल रोकने पहुंचे थे. इस दौरान   सीओ सिटी और शहर कोतवाल से उनकी  धक्का–मुक्की हो गई और पुलिस ने बिना कारण दिए उन्हें घर में नजरबंद कर दिया.  कांग्रेस सांसद आग बबूला हो गए और इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया. इसके बाद ही कांग्रेस सासंद कांग्रेस सांसद लोहार बाग स्थित अपने आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए.

मामले की जानकारी जैसे ही  प्रशासनिक अमला तक पंहुचा वैसे ही सीओ सीटो कपूर कुमार, एसडीएम जनार्दन कुमार समेत भारी पुलिस बल सांसद के आवास पर पहुंच गए और उन्हें समझाने का प्रयास करने लगे.  पुलिस अधिकारी सांसद को आमरण अनशन समाप्त कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन सांसद अपनी मांगों पर अड़े रहे. कांग्रेस सांसद की मांग है कि उन्हें स्पष्टीकरण दिया जाए कि किस आधार पर उन्हें घर में नजरबंद किया गया था. 

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि  खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई ताकि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए बनी रहे. पुलिस को आशंका थी कि सांसद के गाजीपुर जाने से वहां स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया था. 

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