उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भी भारी गहमागहमी देखने को मिली. प्रदेश में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया. हालांकि, पुलिस प्रशासन की भारी मुस्तैदी के चलते कांग्रेस का यह प्रदर्शन विधानसभा से लगभग 5 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया.

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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही भरारीसैण की ओर रुख किया, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक हुई. जब कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़ने पर आमादा हो गए, तो स्थिति को नियंत्रित करने और उन्हें मौके से हटाने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा. कड़ाके की ठंड और पानी की बौछारों के बीच भी कार्यकर्ता काफी देर तक सड़क पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

'विपक्ष की आवाज दबा रही है सरकार'

प्रदर्शन में शामिल पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस के प्रदर्शन और जनसैलाब से घबरा गई है, इसलिए पुलिस बल का सहारा लेकर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है.

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रावत ने हुंकार भरते हुए कहा, "लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को अपनी बात रखने का हक है, लेकिन ये सरकार तानाशाही पर उतारू है. आज पुलिस के दम पर हमें रोका जा सकता है, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता इस दमनकारी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी."

इन मुद्दों पर घेरा

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और अंकिता भंडारी हत्याकांड,. मानव वन्यजीव संघर्ष जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार का रवैया ढुलमुल रहा है. साथ ही, भर्ती घोटालों और बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है. इन्हीं मुद्दों को लेकर आज कांग्रेस ने 'विधानसभा घेराव' का बड़ा ऐलान किया था. फिलहाल, सुरक्षा की दृष्टि से भरारीसैण और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है.