कभी माफिया और अराजकता के लिए बदनाम आजमगढ़ जिले की तस्वीर बदली जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समावेशी विकास पर ध्यान दिए जाने से जिले में कानून व्यवस्था और विकास दोनों को नई गति मिली है. शनिवार को मुख्यमंत्री ने जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर विकास की नई इबारत लिखी.
एक दशक पहले आजमगढ़ पर माफिया, गुंडागर्दी और अपराधिक जिले के आरोप लगते थे. बेटियां दिन में भी घर से निकलने में डरती थीं. योगी सरकार के सख्त एक्शन से माफिया और अराजक तत्वों पर लगाम लगी. अब जिले की पहचान शिक्षा, संस्कृति और आर्थिक उन्नति की हो रही है.
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ब्लैक पॉटरी को मिली नई जान
निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी उद्योग को ओडीओपी योजना ने नई जान दी. पहले हस्तशिल्पी परिवार जीविका चलाने के लिए मुंबई जैसे शहरों में पलायन करते थे, अब उनकी कला की मांग सिंगापुर और सऊदी अरब तक पहुंच गई है. टर्नओवर करोड़ों तक पहुंच गया है. हस्तशिल्पी सोहित कुमार प्रजापति कहते हैं, “अब हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है और भविष्य सुरक्षित है.”
मेगा प्रोजेक्ट्स ने दी उड़ान
जिले को महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, संगीत महाविद्यालय, एयरपोर्ट और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसी सौगातें मिली हैं. इन परियोजनाओं ने न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाई बल्कि निवेश और रोजगार के नए द्वार भी खोले हैं.
महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण
लखपति दीदी योजना के तहत मुस्लिम महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन रही हैं. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को ऋण मिल रहा है, जिससे वे उद्यमी बनकर दूसरों को रोजगार दे रहे हैं.
समावेशी विकास का मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह सभी वर्गों तक पहुंचे. आजमगढ़ में सत्ताधारी दल का कोई विधायक या सांसद न होने के बावजूद विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई. यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा को मजबूती देता है.
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