भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक श्री काशी विश्वनाथ धाम में न सिर्फ रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, बल्कि उनकी तरफ से बाबा के प्रति अपार आस्था रखते हुए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये व सोने चांदी भी अर्पित किए जाते हैं. मंदिर प्रशासन की तरफ से इस चढ़ावे को बेहद पारदर्शी व्यवस्था के तहत गिना जाता है और इसके हर एक रिकॉर्ड को भी व्यवस्थित रूप में दर्ज करना अनिवार्य है.

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CCTV की निगरानी में ऑफिसर और सेवादार करते हैं गिनती

एबीपी न्यूज से बातचीत के दौरान वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने बताया कि है कि श्री काशी विश्वनाथ धाम मंदिर प्रशासन की तरफ से व्यवस्थित रूप में बाबा विश्वनाथ को चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे की गिनती की जाती है. उन्होंने बताया कि श्री विश्वनाथ मंदिर में 56 हुंडी है जिसमें श्रद्धालुओं प्रत्यक्ष तौर पर धन और सोना चांदी अर्पित करते हैं.

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काशी विश्वनाथ मंदिर में चढ़ावे का रखा जाता है रिकॉर्ड

इसके अलावा डिजिटल और कार्यालय के माध्यम से भी उनके चढ़ावे को प्राप्त करके ऑफीशियली रिकॉर्ड किया जाता है. मंगलवार और शुक्रवार को सीसीटीवी निगरानी के बीच मंदिर परिसर में ओपन एरिया में एक अधिकारी और 25 महिला सेवा दारो की मौजूदगी में इसकी गिनती होती है. इस क्षेत्र के लिए किसी भी प्रकार की बाध्यता नहीं होती.

हर एक चढ़ावे का ऑफिशियल रिकॉर्ड

प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से श्रद्धालुओं द्वारा बाबा को अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे में रुपया सोना चांदी सभी का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है. 1 रुपया से लेकर करोड़ों रुपए तक सभी विवरण को मंदिर प्रशासन के कार्यालय में अंकित किया जाता है. इसके अलावा  सालों पहले चढ़ाए जाने वाले सोने चांदी को भी मंदिर प्रशासन की तरफ से ठीक उसी तरह सुरक्षित तरीके से रखा जाता है.

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