उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार ने खाली पदों को भरने का संकल्प लिया है. हमने चार साल में 25 हजार भर्तियां की है. सीएम ने कहा कि बिना नकल और पेपर लीक के भर्तियां हुईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का सपना पूरा करने के लिए मुझे अगर अपनी जान देनी पड़े तो मैं दे दूंगा.
एबीपी न्यूज़ की पॉलिटिकल एडिटर मेघा प्रसाद के सवालों का जवाब देते हुए सीएम ने हालिया घटना पर कहा कि यह पेपर लीक नहीं बल्कि नकल का मामला था. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है.
यह पूछे जाने पर कि सीएम पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने पेपर लीक को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की. आपने उसे नकल जिहाद कहा... इसके जवाब में सीएम ने कहा कि मैं इस बात को स्वीकार करता हूं कि मैंने ये कहा. यह प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश है इसलिए मैंने इसको जिहाद कहा. यह पेपर लीक नहीं बल्कि भर्ती प्रक्रिया को बदनाम करने का प्रयास है. यह योजनाबद्ध प्रयास है. 12 सवालों बाहर आए, यह नकल का मामला है.
नकल जिहाद बोलने पर सीएम धामी की प्रतिक्रिया
सीएम से पूछा गया कि आरोपी मुस्लिम था तो आपने नकल जिहाद कहा, अगर आरोपी हिन्दू होता तो क्या आप नकल सनातनी कहते? इस पर उन्होंने कहा कि मैंने किसी वर्ग विशेष के नाम को लेकर नहीं कहा. मैंने कहा कि एक प्रकार का षड़यंत्र है इसलिए मैंने वो कहा. यह षड़यंत्र है. अगर पेपर लीक है तो 11 बजे शुरू होने वाली परीक्षा के प्रश्न 9 बजे बाहर आते. अभी तो इस मामले की जांच सीबीआई और एसआईटी कर रही है. अन्य चीजें जांच में सामने आएंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी ने किसी तरह से अपने मोजे में मोबाइल छिपाया और फिर अंदर से 12 सवालों की फोटो अपनी बहन को भेजा. उसकी बहन ने किसी और को भेजा. जब तक पेपर चलता रहा तब तक वह कहीं और नहीं गया लेकिन जैसे ही 1 बजे पेपर खत्म हुआ तो 1.25-30 बजे तक पेपर लीक का हंगामा हुआ.
सीएम ने कहा कि जब किसी की मंशा ही ऐसी हो कि उसे चयन नहीं चाहिए बल्कि सिर्फ प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाना हो तो उस पर कानून अपना काम करेगा. हम एंटी चीटिंग का सबसे सख्त कानून लेकर आए हैं. हमारी नीति और नियत में कोई खोट नहीं है. अगर ऐसा होता तो चार सालों में भी ऐसा कोई मामला आता लेकिन नहीं आया क्योंकि हमने पूरी ईमानदारी से अपनी भूमिका अदा की.
उत्तराखंड में बुलडोजर एक्शन पर भी बोले सीएम धामी
पेपर लीक मामले में हो रही राजनीति पर सीएम धामी ने कहा कि यह राजनीति का क्षेत्र है और मैं उनकी आलोचना करूं तो यह ठीक नहीं है. यह उनकी सोच है. मेरी सोच रही है कि हम हमेशा से छात्रों के साथ संवाद करें. सीएम ने साक्षात्कार में माना कि बच्चों को समझाने में हमें समय लगा.
उत्तराखंड में बुलडोजर एक्शन के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि जहां अतिक्रमण हुआ, वहां यह कार्रवाई हुई. व्यवस्था के अनुरूप काम हुआ. हमने लोगों से कहा कि आप खुद हटा लें अन्यथा हम हटाएंगे.
आपदा ग्लोबल वार्मिंग का असर- सीएम
राज्य में विभिन्न जगहों पर आपदा से जुड़े सवाल पर सीएम ने कहा कि यह ग्लोबल वार्मिंग का असर है. धराली और थराली जहां आपदा आई वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है. रुद्रप्रयाग में छेनागढ़ के आसपास कोई निर्माण नहीं है. घर हैं आसपास. सीमांत जनपद के कपोट जिले में जहां पांच लोगों की हानि हुई वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ.
मैदानी और पहाड़ी के बीच कोई लड़ाई नहीं- सीएम धामी
राज्य में मैदानी बनाम पहाड़ी इलाके पर हो रही चर्चा और सियासत को लेकर सीएम ने कहा कि हमने कोई लड़ाई नहीं लगवाई. हम पूरे राज्य का समेकित विकास कर रहे हैं.
सीएम ने कहा कि हम पीएम नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के विजन को लेकर चल रहे हैं. मैदानी और पहाड़ी के बीच कोई लड़ाई नहीं है. अगर ऐसा कुछ होता तो उसका परिणाम आपको चुनाव में दिखाई देता. ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ कि पीएम मोदी की अगुवाई में उत्तराखंड में दूसरी बार भी बीजेपी की सरकार बनी.