Chardham Yatra: चारधाम यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा है. चारधाम यात्रा में इस साल अब तक 12 श्रद्धालुओं की हुई मौत हो चुकी है. गंगोत्री धाम में 3 श्रद्धालुओं की मौत हई है. वहीं यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham) के कपाट खुलने का बाद से अभी तक 4 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. इसके अलावा केदारनाथ (Ketarnath) में 5 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है.

सरकार ने जारी की एडवाइजरी

उत्तराखंड में अप्रत्याशित मौसम की स्थिति और कई तीर्थयात्रियों के दिल के दौरे से मौत के बाद उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा से संबंधित एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी 11 भाषाओं (तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, मराठी और उड़िया) में जारी की गई है. इस साल चार धाम यात्रा के दौरान करीब 12 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा, खराब मौसम की स्थिति ने केदारनाथ जाने वाले सैकड़ों तीर्थयात्रियों की धार्मिक यात्रा को प्रभावित किया है.

ये कहा गया एडवायरी में

राज्य सरकार ने सलाह दी है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपने आपको वहां के हालात के अनुकूल ढालना जरूरी है, क्योंकि चारधाम यात्रा से संबंधित मंदिर हिमालय पर 2,700 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हैं. लिहाजा, तीर्थयात्रियों को यात्रा से पहले चिकित्सा और ट्रेक की तैयारी सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि अधिक ऊंचाई के कारण यात्री अत्यधिक ठंड, कम आर्द्रता, अत्यधिक पराबैंगनी विकिरण, कम वायुदाब और कम ऑक्सीजन से प्रभावित हो सकते हैं. 

1. एडवाइजरी में तीर्थ यात्रा पर आने वालों से रोजाना 5-10 मिनट तक ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना चाहिए. इसके साथ ही रोजाना 20-30 मिनट टहलने की सलाह दी गई है. 

2. हृदय रोग, अस्थमा, उच्च रक्तचाप या मधुमेह का इतिहास रखने वाले यात्री यात्रा के लिए फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जांच करवाएं. वहीं, इन बीमारियों से पीड़ित तीर्थयात्रियों को अपने घरेलू डॉक्टर के संपर्क नंबर के अलावा सभी मौजूदा दवाएं और जांच उपकरण साथ रखने के लिए कहा गया है. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अगर डॉक्टर मना करते हैं तो यात्रा नहीं करें. 

3. सरकारी एडवाइजरी में अपनी यात्रा से पहले हमेशा मौसम की अपडेट लेते रहे और सुनिश्चित करें कि आपके पास बेहद ठंडे तापमान में प्रबंधन के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े हैं. श्रद्धालुओं से ऊनी स्वेटर, थर्मल, पफर जैकेट, दस्ताने, मोज़े, रेन गियर, रेनकोट, छाता और बुनियादी स्वास्थ्य जांच उपकरण जैसे पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि साथ ले जाने के लिए कहा गया है. 

4. यदि किसी तीर्थयात्री को सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी, चक्कर आना, उल्टी, बर्फीली/ठंडी त्वचा, कमजोरी, या शरीर के एक हिस्से में सुन्नता का अनुभव होता है, तो उन्हें निकटतम स्वास्थ्य सेवा संपर्क केंद्र तक पहुंचना चाहिए.

5. यात्रा के दौरान शराब, नींद की गोलियां और तेज दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने से मना किया गया है.

6. तीर्थयात्रियों को कम से कम दो लीटर तरल पदार्थ पीना चाहिए और पूरी यात्रा के दौरान भरपूर पौष्टिक आहार लेना चाहिए.

सरकार पूरी तरह है सतर्क

गौरतलब है कि इस सप्ताह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं से लैस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. दरअसल, सरकार का इस बार केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सरकार का विशेष फोकस है. लिहाजा, हर किलोमीटर पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गई है. चार धाम में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 130 डॉक्टरों को लगाया गया है. 

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