उत्तर प्रदेश के अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले के बाद पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय सार्वजनिक रूप से संतों के बीच सक्रिय नजर आ रहे है. चंपत राय अयोध्या के प्रमुख मंदिरों और संतों से लगातार मुलाकात कर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं. इसी क्रम में मंगलवार को वह तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य से बंद कमरे में मुलाकात की.
आधे घंटे करीब हुई इस बैठक के बाद जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने चंपत राय की भूमिका की खुलकर सराहना की और कहा कि उन्होंने साधु-संतों के आग्रह पर जीवनभर अयोध्या में ही रहने का संकल्प दोहराया है. इस दौरान परमहंस आचार्य ने चंपत राय की आलोचना करने वालों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी.
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तपस्वी छावनी में हुआ स्वागत
तपस्वी छावनी पहुंचने पर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वागत और सम्मान किया गया. इसके बाद उन्होंने पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य से बंद कमरे में मुलाकात की, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.
अयोध्या में ही निवास का दावा
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि चंपत राय के नेतृत्व और प्रयासों से भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका, इसलिए सनातन समाज में उनके प्रति गहरा सम्मान है. उन्होंने बताया कि साधु-संतों के आग्रह पर चंपत राय ने स्पष्ट कहा है कि अंतिम सांस तक उनका निवास अयोध्या में ही रहेगा, भले ही उन्हें अन्य स्थानों पर आना-जाना पड़े.
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने चंपत राय की आलोचना करने वालों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग चंपत राय की बुराई करते हैं, वे उनके योगदान को समझ नहीं सकते. उन्होंने सभी से चंपत राय के प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील भी की. अभी इस मामले में राम मंदिर प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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