मसूरी के लंढौर क्षेत्र में स्थित एक धार्मिक संरचना को प्रशासन ने शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा घेरा बनाकर पहले ही स्थल से दूर रोक दिया. पूरे अभियान के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए.
प्रशासन के अनुसार, लंढौर कब्रिस्तान समिति से संबंधित भूमि के स्वामित्व और धार्मिक संरचना के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए थे. निर्धारित समय के भीतर कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई.
संयुक्त निरीक्षण में सामने आई स्थिति
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने बताया कि मामले में लंढौर कैंट बोर्ड, वन विभाग और वक्फ बोर्ड की ओर से संयुक्त निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों ने इस भूमि पर अपना स्वामित्व होने से इनकार किया. वहीं वक्फ बोर्ड ने भी स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि उसकी संपत्ति नहीं है. प्रशासन के अनुसार, यह भूमि नगर पालिका सीमा के अंतर्गत आने वाली सरकारी संपत्ति है.
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने कहा कि पूरी कार्रवाई विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है. प्रशासन का दावा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया.
मुस्लिम समुदाय ने जताई आपत्ति
मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि संबंधित स्थान पर उनका वर्षों पुराना कब्जा रहा है. उनका दावा है कि यह स्थल करीब 200 वर्षों से उनके उपयोग में है और इसके समीप कब्रिस्तान भी मौजूद है. समुदाय ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अपना पक्ष रखा.
