उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में अदालत ने सोमवार को तीन साल पुराने नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में दो आरोपियों, करण और उसके जीजा सतवीर को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो विशेष कोर्ट-1) मनोज कुमार सिंह (III) ने दोनों को दोषी ठहराया और प्रत्येक पर 58,500 रुपये का जुर्माना लगाया.
अदालत के इस फैसले पीड़ित पक्ष ने संतोष जताया है. कानूनी जानकारों ने भी इस फैसले की सराहना की है, उनके मुताबिक ऐसे फैसलों से निश्चित रूप से महिलाओं-लड़कियों के प्रति हिंसा करने वालों में डर बढ़ेगा.
क्या था पूरा मामला ?
सरकारी वकील महेश राघव ने बताया कि यह घटना औरंगाबाद थाना क्षेत्र में हुई थी. पीड़िता दसवीं कक्षा की छात्रा थी, उसके साथ आरोपियों ने बलात्कार किया.यही नहीं दोनों ने इस कृत्य का वीडियो रिकॉर्ड किया और इसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़िता का बार-बार शोषण किया.
पीड़िता के पिता ने 30 अप्रैल, 2022 को शिकायत दर्ज की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि करण उनकी बेटी को कई दिनों से परेशान कर रहा था. एक दिन जब वह कॉलेज से लौट रही थी, करण और सतवीर ने उसे रोका और बहला-फुसलाकर नशीली कोल्ड ड्रिंक दी और फिर अपराध को अंजाम दिया. इसके बाद, उन्होंने अश्लील वीडियो को प्रसारित भी किया.
न्यायिक कार्रवाई और सजा
इस मामले में पॉक्सो विशेष कोर्ट ने गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया. दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ-साथ जुर्माने की सजा दी गई. यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को दर्शाता है. कोर्ट ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए त्वरित सुनवाई और साक्ष्यों की गहन जांच पर जोर दिया.
बुलंदशहर में इस घटना में सजा से सभी ने पुलिस और कानून की तारीफ की है. क्यूंकि जिस तरह से पुलिस ने घटना के सुबूत और चार्जशीट फ्रेम की थी अदालत के सामने आरोपियों को बचने की कोई जगह नहीं बची. पीड़ित पक्ष ने भी अदालत का आभार जताया.