राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आज सोमवार (6 जुलाई) अयोध्या में हो रही है. इस बैठक में ट्रस्ट के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होने वाले हैं. आज बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर जरूरी फैसला हो सकता है. 

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इस बैठक में वित्तीय समीक्षा प्रशासनिक बदलाव, SIT रिपोर्ट और चंपत राय के इस्तीफे पर चर्चा होगी. इसके साथ ही बैठक में ट्रस्ट के मौजूद सदस्यों के साथ वरिष्ठ सदस्य के परासरन वीसी से जुड़ेंगे. ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि 6 जुलाई यानी आज दोपहर 3 बजे बैठक होगी. सभी सदस्यों को सूचना दे दी गई है, इस बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे.

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चंपत राय पर फैसला

सबके मन में सबसे बड़ा सवाल आज चंपत राय पर फैसला होने को लेकर है. बैठक में उनके भविष्य पर भी चर्चा होने की संभावना है. बता दें कि वे दशकों से राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख संगठनात्मक चेहरे रहे हैं और उन्होंने राम मंदिर निर्माण की पूरी कमान संभाली थी. वह ट्रस्ट के महासचिव है, हालांकि उन्होंने आरोप लगने बाद इस्तीफा दे दिया है लेकिन उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है.

सुरक्षा कारणों से बदला स्थान

सुरक्षा कारणों के चलते बैठक का स्थान बदला गया है. अब राम जन्मभूमि परिसर स्थित गेस्ट हाउस में बैठक होगी. बैठक में वित्तीय समीक्षा, प्रशासनिक बदलाव, SIT रिपोर्ट और इस्तीफे पर चर्चा होने की संभावना है. ट्रस्ट के मौजूद सदस्यों के साथ वरिष्ठ सदस्य के परासरन वीसी भी बैठक में ऑनलाइन शामिल होंगे.  ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हैं. तीन पदेन सदस्य जिलाधिकारी सशांक त्रिपाठी, यूपी सरकार के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे हैं. 

विहिप प्रमुख का बयान

उधर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अगर विपक्षी नेताओं के पास आरोप साबित करने के सबूत हैं तो वे जांच में मदद करें. उन्होंने प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और रामगोपाल यादव समेत कई नेताओं के आरोपों की जांच की मांग की थी. ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा गिनती प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है. बैठक के बाद फैसलों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की संभावना है. बैठक को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है. पूरा राम जन्मभूमि परिसर सुरक्षा घेरे में है.

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