बर्फ से ढकी चोटियों के बीच, जहां हर कदम पर आस्था और प्रकृति का संगम होता है उस केदारनाथ धाम में अब एक नई सुविधा जुड़ गई है. प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा निर्मित अस्पताल का विधिवत लोकार्पण किया. इस अस्पताल का संचालन स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी करेगी.
केदारनाथ की यात्रा कोई साधारण तीर्थ नहीं है. समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई, दुर्गम पहाड़ी रास्ते, कड़कड़ाती ठंड और ऑक्सीजन की कमी ये सब मिलकर इस यात्रा को शरीर के लिए एक बड़ी परीक्षा बना देते हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, जिनमें बुजुर्ग, बीमार और दिल के मरीज भी होते हैं. ऐसे में किसी की तबीयत बिगड़े और नजदीक कोई ढंग का अस्पताल न हो यह स्थिति कई बार जानलेवा साबित हो चुकी है. इसी जरूरत को देखते हुए BPCL ने इस अस्पताल का निर्माण कराया है, जो धाम परिसर में ही उपलब्ध होगा.
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा- श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता
लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि केदारनाथ आने वाले हर श्रद्धालु को न केवल दर्शन का सुकून मिले, बल्कि यात्रा के दौरान उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हो. उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्र, ऑक्सीजन सुविधा और आपातकालीन सेवाएं पहले से तैनात की गई हैं.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य नीति का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि अब तक आयुष्मान योजना के तहत करीब 61 लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके जरिये लाखों गरीब मरीजों को मुफ्त उपचार मिल रहा है. साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में भी काम जारी है. लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन और पूजा-अर्चना भी की. उन्होंने कहा "केदारनाथ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का प्रतीक भी है."
स्थानीय जनता को भी राहत
यह अस्पताल केवल तीर्थयात्रियों के लिए नहीं, बल्कि केदारनाथ घाटी के स्थानीय निवासियों के लिए भी उतना ही जरूरी है. दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग वर्षों से बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए घंटों का सफर तय करते आए हैं. इस अस्पताल के खुलने से उन्हें भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल ने कार्यक्रम में कहा कि यह अस्पताल सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की स्वास्थ्य तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगा.
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