उत्तराखंड के अंकिता हत्याकांड को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहा है. वहीं अब हरिद्वार के बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत का बयान सामने आया है. उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह महिलाओं से जुड़ा हुआ विषय है, जो समाज के 50 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं.

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बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि यह मामला इस समय न्यायालय के विचाराधीन है और इसकी गहराई से जांच की आवश्यकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण सरकार इस पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं ले सकती. बीजेपी  सांसद ने दो टूक कहा कि इस तरह के गलत काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए. चाहे वह उनका अपना बच्चा हो या भाई, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और समाज पर धब्बा लगाने का काम करती हैं. त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह भी कहा कि जब यह घटना हुई थी, तब उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख और तकलीफ हुई.

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वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड के लिए कथित रूप से जिम्मेदार वीआईपी के नाम के खुलासे को लेकर मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेशभर में राज्य सरकार का पुतला फूंका. कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंका. प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी होने का दावा करने वाली उर्मिला सनावर के हवाले से अंकिता मामले में नए खुलासे हुए हैं.

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