उत्तर प्रदेश की विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को बनाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने हैरत जताई कि सरकार ने उन्हें नियुक्त करने के लिए आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए कानून तक बदल दिया. माता प्रसाद पांडेय ने इस गलत ठहराया.

Continues below advertisement

इसके साथ ही उन्होंने सरकार से विज्ञापन में भी हिस्सेदारी की मनाग और सरकार से आग्रह किया कि कुछ हिस्सा हमें भी दिया जाए. शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन पक्ष और विपक्ष में ख़ासा बहस भी देखने को मिली. कई अहम् मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

प्रशांत कुमार को आयोग का अध्यक्ष बनने पर ऐतराज

पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनाने पर माता प्रसाद पांडेय ने कहा, “हमारी संस्थाएं कमजोर हो जाएंगी, तो न हम रहेंगे, न आप. आपके पास बड़ा भारी मंदिर है, आप पूजा करेंगे, आपके दस लोग पैर छुएंगे. लेकिन हम लोग सड़क पर उतर जाएंगे. शिक्षा चयन आयोग आपने बनाया, यह अच्छा किया. गोरखपुर के प्रोफेसर को वहां का अध्यक्ष बना दिया. बाद में पता चला कि वह चली गईं. वह पद शिक्षा नीति का है, पुलिस से आने वाले लोगों का नहीं है. आपने रिटायर्ड डीजीपी को वहां का अध्यक्ष बना दिया है. उन्हें बनाने के लिए कानून बदल दिया. किसी शिक्षाविद् को रखना चाहिए. यह संस्थाओं को कमजोर करने की प्रक्रिया है, यह नहीं होना चाहिए.”

Continues below advertisement

विज्ञापन में हिस्सेदारी की मांग

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विपक्ष को भी विज्ञापन में हिस्सेदारी की मनाग करते हुए कहा, “सूचना विभाग में बजट प्रचार के लिए जाता है, इसलिए मीडिया आपके दबाव में रहती है. विज्ञापन से उन्हें धनराशि मिलती है, इसलिए मीडिया स्वतंत्र नहीं हो पा रही है. वे हमारी बात सुनते ही नहीं.” इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने एक किस्सा भी सुनाया, बोले-मेरे पास एक सज्जन आए. कहा- हम आपका इंटरव्यू लेंगे. खत्म होने के बाद उन्होंने कहा- हम एक विज्ञापन लेंगे. मैंने पूछा- कितने का विज्ञापन ? इस पर उन्होंने कहा- 13 लाख का, मैंने कहा- महात्मा चाय पी लो और जाओ. एक बार एक पत्रकार महोदय हार गए, तो उन्होंने कहा कि तेल का ही पैसा दे दो. मैंने कहा- हम नहीं दे पाएंगे, सरकार के पास जाइए. हम लोगों को भी विज्ञापन में कुछ हिस्सा दे दीजिए.

आगे बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सीएम योगी से कहा. “आप बड़े नेता, हम लोगों को कौन पूछता है ? आप बड़े नेता थे, आप गोरखपुर या कहीं भी जो कहते थे, वह छप जाता है. हम लोगों को कौन पूछता है? आज तो पैसे का खेल है.”