उत्तर प्रदेश के महोबा में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोककर बंधक बनाने वाले विधायक बृजभूषण राजपूत पर भारतीय जनता पार्टी के हाईकमान ने सख्त एक्शन लिया है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नोटिस जारी कर उनसे इस पूरे विवाद पर स्पष्टीकरण मांगा है. उनसे सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है.

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वहीं इस मामले को लेकर चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने फोन ने बातचीत में बताया कि मैं जिले से बाहर हूँ. अभी तक न तो मुझे कोई नोटिस मिला है और न ही इसकी कोई जानकारी मेरे पास है. जब मुझे नोटिस नहीं मिला तो मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता हूँ. अब इस पूरे मामले को लेकर गुड्डू राजपूत के एक और बयान ने हवा दे दी. जब उनसे इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वो मंत्री तो क्या सीएम योगी आदित्यनाथ की भी काफिला रोक सकते हैं. इस पूरी घटना को लेकर पार्टी हाईकमान अब एक्शन में आ गया है, जिसके बाद अब हाईकमान ने बृजभूषण राजपूत से स्पष्टीकरण मांगा है और सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा है. 

स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोकने पर हंगामा

दरअसल महोबा में चरखारी सीट से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत उस वक्त अचानक सुर्खियों में आ गए थे जब उन्होंने अपने समर्थकों के साथ कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिला रोक लिया था. इसके बाद दोनों के बीच सार्वजनिक तौर पर तीखी बहस हो गई थी. इसके बाद हंगामा मच गया है. 

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अपनी पार्टी के मंत्री के खिलाफ बीजेपी विधायक के इस रवैये को लेकर कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए, जिससे पार्टी को खासी किरकिरी का सामना करना पड़ा था. वहीं इस पूरे विवाद पर गुड्डू राजपूत का कहना था कि उन्होंने अपने क्षेत्र में जल जीवन मिशन से जुड़ी जनसमस्या को उठाने की कोशिश की थी. इस घटना के बाद से ही पार्टी हाईकमान खासा नाराज़ दिखाई दे रहा था. 

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेताओं के बीच इस तरह की कलह से बीजेपी को नुक़सान हो सकता है. इस बात को हाई कमान समझता है. इससे पहले भी पंकज चौधरी ने साफ़ कर दिया था कि सार्वजनिक तौर पर आपसी टकराव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे नेताओं पर पार्टी की ओर से सख्त कार्रवाई की जा सकती हैं.