उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में जालसाजी, धोखाधड़ी और सत्ता के लालच का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है.जिला मुख्यालय से सटे नगर थाना क्षेत्र के मटेरा गांव में स्थित मदरसा अरबिया अहले सुन्नत तालीमुल इस्लाम अशरफिया के प्रबंधन पर अवैध रूप से कब्जा जमाने के लिए जीवित लोगों को ही सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया.

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इस हैरतअंगेज फर्जीवाड़े का खुलासा 17 साल तब हुआ जब पीड़ित सदस्य ने पुलिस के उच्चाधिकारियों के चौखट पर न्याय की गुहार लगाई.पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मदरसा प्रबंधक समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी है.

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क्या है पूरा मामला ?

पुलिस को दी गई लिखित तहरीर में मटेरा गांव निवासी मोहम्मद नजीर ने आरोप लगाया है कि वह उक्त मदरसे की प्रबंध समिति के वैध सदस्य थे.लेकिन वर्तमान प्रबंधक अब्दुल रव ने अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने और मदरसे के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के लिए एक गहरी साजिश रची.आरोप है कि अब्दुल रव ने तत्कालीन ग्राम प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर और जाली मोहर का दुरुपयोग करते हुए प्रबंधन समिति से जुड़े मुख्य अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की.

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शिकायतकर्ता मोहम्मद नजीर के अनुसार, यह पूरा खेल साल 2009 से ही शुरू कर दिया गया था.उन्हें और उनके कुछ अन्य सहयोगियों को प्रबंध समिति से बाहर निकालने के लिए रिकॉर्ड में बकायदा मृतक दर्शा दिया गया.इतना ही नहीं, यह अवैध हथकंडा सिर्फ मोहम्मद नजीर तक ही सीमित नहीं रहा.गांव के ही अन्य प्रतिष्ठित सदस्यों सेराजुद्दीन, मुनव्वर अली और मेहदी हसन को भी जीते-जी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया.

मदरसा प्रबन्धन समिति का गठन कर लिया 

फर्जीवाड़े की हद यहीं खत्म नहीं हुई.जीवित सदस्यों को कागजों पर मारने के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से कूटरचित और जाली दस्तावेज तैयार कर मदरसा प्रबंधन समिति का नए सिरे से पुनर्गठन कर लिया.इसके बाद मुख्य आरोपी अब्दुल रव ने अपने ही परिवार के सदस्यों और करीबियों को समिति के विभिन्न महत्वपूर्ण और मलाईदार पदों पर अवैध रूप से नियुक्त कर दिया, ताकि मदरसे से जुड़ी हर गतिविधि और सरकारी फंड पर उनका एकाधिकार बना रहे.

इस खुलासे के बाद से ही मटेरा गांव और आस-पास के इलाकों में तनाव और चर्चाओं का बाजार गर्म है.ग्रामीण इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच की भी मांग कर रहे हैं.

इनके खिलाफ केस दर्ज 

पीड़ित मोहम्मद नजीर की तहरीर और प्राथमिक जांच के आधार पर नगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल रव के साथ-साथ अब्दुल कादिर, अब्दुलर्रहमान, अब्दुल सलाम, हुसैन रजा और अब्दुल अजीज के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और कूट रचित प्रपत्रों का असली के रूप में इस्तेमाल करने की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया है.

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