मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 10 अक्टूबर को बलरामपुर में 803.19 करोड़ रुपये की 78 विकास परियोजनाओं की सौगात दी. इनमें 273.42 करोड़ रुपये की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण और 529.77 करोड़ रुपये की 48 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया. इन योजनाओं में सड़क, रेलवे ओवरब्रिज, सिंचाई, पेयजल, सीवरेज और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं. सरकार का जोर गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है.
राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के बलरामपुर और झारखंडी स्टेशनों के बीच समपार संख्या-136 पर 292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा. इससे रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी. बलरामपुर से श्रावस्ती और बहराइच की ओर आने-जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भी सुविधा होगी.
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अहिरनडीह, प्रतापपुरवा-सेमरहना और रमवापुर-गुलरालीडीह संपर्क मार्गों का निर्माण और सुधार किया जाएगा. कुआनो नदी पर चोरघटा क्षेत्र में बॉक्स कल्वर्ट और गोपियापुर नाले के पास लघु सेतु बनाया जाएगा. उतरौला-चंदनपुर मार्ग के शेष हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे.
पेयजल और सीवरेज पर 176 करोड़ से अधिक खर्च
बलरामपुर नगर पालिका क्षेत्र में 123 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पहले चरण का लोकार्पण किया गया. वहीं, 53 करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल पुनर्गठन योजना भी जनता को समर्पित की गई. इन योजनाओं से गंदे पानी के निस्तारण और शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा.
विश्वविद्यालय तक फोरलेन, शिक्षा को भी बढ़ावा
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी फोरलेन सड़क का लोकार्पण किया गया. 24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का भवन बनेगा. जिला ग्राम्य विकास संस्थान के भवनों पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे. पुलिस लाइन में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना आठ मंजिला ट्रांजिट हॉस्टल भी समर्पित किया गया.
सिंचाई, बाढ़ बचाव और आवास पर भी जोर
नहरों और जल प्रबंधन की परियोजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी. राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव के कार्य भी किए गए हैं. नदी कटान से प्रभावित 72 परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत ‘मां पाटेश्वरी विला’ बनाया गया है.
कुल परियोजनाओं में लोक निर्माण विभाग की 39 और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की 23 योजनाएं हैं. नगर विकास की पांच, गृह विभाग की तीन और बेसिक शिक्षा विभाग की तीन परियोजनाएं भी शामिल हैं. इसके अलावा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो तथा माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक-एक परियोजना है.
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