उत्तर प्रदेश के बागपत में बड़ौत शहर के चर्चित हत्याकांड में मृतक हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.घंटो चले हंगामे के बाद पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर आ गया और वरुण के ताऊ प्रमोद की तहरीर के आधार पर व्यापारी दीपक और राजेश अग्रवाल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो गया है.

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इसके बाद ही वरुण के परिजनों ने उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे,हालांकि इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

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क्या है पूरा मामला ?

यहां बता दें कि बड़ौत शहर के दिल्ली बस स्टैंड पर नौ जून को हिस्ट्रीशीटर बदमाश ने अपने साथियों के साथ दुकान पर बैठे टेंट व्यवसायी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था.इसके बाद भागते समय लोगों ने हिस्ट्रीशीटर वरुण को भी मौत के घाट उतार दिया था.इसी दौरान वरुण को तीन गोलियां मारी गई थी.

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एक राहगीर रोहित भी पैर में गोली लगने से घायल हो गया था.सोहनलाल के भाई राजेश के तहरीर पर आरोपी वरुण लुहारी, उसके भाई करुण, पिता बाबूराम, जयंत उर्फ गोलू व सचिन उर्फ मोंटू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.पुलिस ने आरोपी बाबूराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

दोनों व्यापारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

इसी बीच वरुण को गोलियां मारते दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें वरुण के परिजनों ने आरोप लगाया था कि सोहनलाल के परिवार के राजेश अग्रवाल और दीपक अग्रवाल ने ही वरुण पर गोली चलाई थी.आज सुबह मेरठ मेडिकल से वरुण के शव को उसके घर बड़ौत लाया गया.परिजनों ने दोनों व्यापारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था.

इस दौरान पुलिस अधिकारी और परिवार के लाेगों के बीच जमकर हंगामा और नोकझोंक हुई.इस दौरान छपरौली विधायक अजय कुमार, लोनी चेयरमैन मनोज धामा, पूर्व विधायक साहब सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी आदि स्थानीय नेता वरुण के घर पहुंचे.हंगामा बढ़ता देख पुलिस को मृतक सोहनलाल के परिजन राजेश अग्रवाल और दीपक अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा, जिसके बाद वरुण के शव का अंतिम संस्कार किया गया.अब इस तरह केस में क्रास केस हो गया है.

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