हरिद्वार में होली पर पतंजलि योगपीठ का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और रंगों से सराबोर नजर आया. योग गुरु बाबा रामदेव ने अपने अनुयायियों के साथ फूलों की होली खेली और पूरे परिसर में खुशियों की बौछार कर दी. मंच से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई, जिससे चारों तरफ रंग-बिरंगे फूलों की महक फैल गई.

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सुबह से ही देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी. भजन-कीर्तन और देशभक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु झूमते और नाचते नजर आए. माहौल ऐसा था जैसे आध्यात्म और उत्सव एक साथ जीवंत हो उठे हों.

'युद्ध नहीं, योग अपनाए दुनिया'- बाबा रामदेव

होली के मौके पर बाबा रामदेव ने वैश्विक हालातों पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया नाजुक दौर से गुजर रही है. रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल, अमेरिका व ईरान के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हालात चिंताजनक हैं और विश्व युद्ध जैसी स्थिति से बचने के लिए सभी देशों को संयम दिखाना होगा.

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उन्होंने साफ कहा कि अगर दुनिया को सुरक्षित रखना है तो परमाणु हथियारों को खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे. उनका कहना था कि युद्ध से किसी का भला नहीं होता, जबकि योग और शांति ही मानवता को बचा सकते हैं.

देश में मतभेद नहीं, एकता जरूरी

बाबा रामदेव ने भारत की विदेश नीति पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेदों का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का है. उन्होंने अपील की कि देश के मामलों में बेवजह आलोचना से बचा जाए और सरकार के प्रयासों का समर्थन किया जाए.

उन्होंने यह भी कहा कि जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज में फूट डालना राष्ट्र के लिए घातक है. मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए.

प्राकृतिक रंगों से सुरक्षित होली का संदेश

कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने सभी से प्राकृतिक रंगों के साथ सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली मनाने की अपील की. उन्होंने होली को प्रेम, सद्भाव और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया.

फूलों की होली, भजन-कीर्तन और देशभक्ति गीतों के बीच पतंजलि परिसर पूरे दिन उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा रहा. श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और हर कोई इस खास पल को यादगार बना लेना चाहता था.