जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शुक्रवार (5 जून) को जिलाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सकी. बैठक निरस्त होने के बाद आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रशासन और सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पड़ा भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि करीब 10 से 12 दिन पहले दिशा समिति के उपाध्यक्ष सांसद दरोगा सरोज, जिले के सभी विधायकों, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की सहमति से बैठक की तारीख तय की गई थी. इसके बावजूद जिलाधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे सभी जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है.
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पुराने वादे दोहराते हैं अधिकारी- धर्मेंद्र यादव
सांसद ने आरोप लगाया कि पिछली बैठकों में अधिकारियों द्वारा जो आश्वासन दिए जाते हैं, उन्हें पूरा नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि हर बैठक में वही पुराने मुद्दे और वही पुराने वादे दोहराए जाते हैं, लेकिन जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं देता. इससे जनता की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.
'सरकार अधिकारियों के जरिए करा रही अपमान'
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यह केवल किसी एक अधिकारी का मामला नहीं है, बल्कि पूरी सरकार की कार्यशैली को दर्शाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें अधिकारियों के माध्यम से जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का लगातार अपमान कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि सीधे जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं और उनका सम्मान होना चाहिए.
सांसद ने कहा कि आजमगढ़ समाजवादी विचारधारा और स्वाभिमान की धरती है. इस जिले ने कभी अंग्रेजों की गुलामी, इमरजेंसी या किसी भी तरह की तानाशाही को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि किसी अधिकारी के इशारे पर नहीं चलेंगे और अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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कानून व्यवस्था और एनकाउंटर पर भी उठाए सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान धर्मेंद्र यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और लगातार हो रहे एनकाउंटरों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बदलाव की जरूरत है. उनका दावा था कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और उसके बाद केंद्र की सरकार भी बदलेगी, तभी प्रदेश और देश में वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा.
