रामपुर जेल से रिहा होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूँ? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है. क्या मुसलमान होने की यही सजा है? 

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उन्होंने आगे कहा कि हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई. यही हमारा गुनाह है. हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए. क्या यही हमारा गुनाह है?"

ईडी की टीम ने आजम खान को हिरासत में लिया

हालांकि सपा नेता आजम खान को ईडी की टीम ने रामपुर जेल के बाहर हिरासत में लिया. ईडी की टीम पैरामिलिट्री फोर्स के साथ वहां पहुंची थी. इससे पहले ED ने 28 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यूपी के रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया था. ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपए है. यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान और अन्य लोगों से जुड़े मामले में की गई.

29 अक्टूबर को इलाहाबाद HC से मिली थी आजम खान को जमानत

बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड रखने के मामले में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को (29 अक्टूबर) को जमानत दी थी. जस्टिस समित गोपाल ने रामपुर की अदालत के निर्णय के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर यह आदेश पारित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे की सजा भी निलंबित कर दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

पिछले साल नवंबर में रामपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आजम खान और उनके बेटे को धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश का दोषी पाया था. इस फैसले को आजम खान और उनके बेटे ने चैलेंज करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.