उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद आज संत समाज की सबसे बड़ी बैठकों में से एक होने जा रही है. विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में दोपहर बाद मणिराम दास छावनी में करीब 250 से 300 संत जुटेंगे. बैठक में पूरे घटनाक्रम पर संत समाज का साझा रुख तय करने, श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने, अफवाहों पर रोक लगाने और राम मंदिर की गरिमा व संत समाज की एकजुटता का संदेश देने पर मंथन होगा.

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राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के आश्रम मणिराम दास छावनी में आयोजित इस बैठक में अयोध्या के विभिन्न मठों और अखाड़ों के लगभग 250 से 300 संत शामिल है. बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा के साथ अयोध्या में फिर विश्वास बहाली पर जोर होगा.

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चढ़ावा चोरी के बाद महत्वपूर्ण बैठक 

सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद बने माहौल और श्रद्धालुओं के बीच उठे सवालों को देखते हुए इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक में संत समाज पूरे घटनाक्रम पर अपना साझा दृष्टिकोण सामने रखेगा और यह संदेश देने की तैयारी है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अफवाह या आरोप-प्रत्यारोप से बचा जाए.

श्रद्धालुओं से संयम की अपील 

बैठक में संतों द्वारा श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील किए जाने की भी संभावना है. साथ ही यह संदेश दिया जाएगा कि राम मंदिर की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और संत समाज की एकजुटता सर्वोपरि है.

यहां बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना उजागर होने के बाद श्रधालुओं को गहरा झटका लगा है, रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी गिरावट देखी गयी है. जोकि बेहतर संकेत नहीं है. इसलिए अब सभी साधूसंतों ने आगे आकर फिर बेहतर माहौल देने का फैसला लिया है. जिस पर कई निर्णय लिए जा सकते हैं.

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