श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति स्थापित कर दी गई है और प्राण प्रतिष्ठा का कार्य भी संपन्न हो गया है. अब केवल अंतिम कार्यक्रम के रूप में ध्वजारोहण शेष है.

चंपत राय ने कहा, "हम 25 नवंबर को राम विवाह पंचमी के अवसर पर ध्वजारोहण पर विचार कर रहे हैं और इसकी तैयारी कर रहे हैं." उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तिथि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राम विवाह पंचमी का धार्मिक महत्व अत्यधिक है. इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह का पर्व मनाया जाता है, जो मर्यादा और संस्कार का प्रतीक माना जाता है.

अंतिम चरण पर मंदिर का निर्माण कार्य 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के साथ मंदिर का उद्घाटन हो चुका था और तब से देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं. अब जब मंदिर की मुख्य संरचना पूरी तरह तैयार हो गई है, तो ट्रस्ट अंतिम धार्मिक अनुष्ठानों की योजना बना रहा है.

ध्वजारोहण क्यों है खास?

ध्वजारोहण को मंदिर की पूर्णता का प्रतीक माना जाता है. यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि मंदिर निर्माण का सपना पूरी तरह साकार हो चुका है. राम विवाह पंचमी पर इस कार्यक्रम के आयोजन से इस उत्सव का महत्व और बढ़ जाएगा.

अयोध्या में तैयारियां तेज

चंपत राय के अनुसार अयोध्या में इस अवसर पर बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजन की योजना है. लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और ट्रस्ट मिलकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर काम कर रहे हैं. शहर को रामनगरी की भव्यता के अनुरूप सजाया जाएगा.

ध्वजारोहण के इस कार्यक्रम के साथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा एक नए अध्याय में प्रवेश करेगी. रामलला के भक्तों के लिए यह दिन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक बनेगा.