यूपी के बाराबंकी में आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से जो शिकायतें जिन अधिकारियों के खिलाफ की जा रही है वही आरोपी उन शिकायतों का निस्तारण करने में लग जाते है. इस पर जब अयोध्या रेंज के कमिश्नर राजेश कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई मामला सामने आया जिसमें गलत रिपोर्ट लगाई गई तो कार्रवाई की जाएगी. 

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दरअसल कमिश्नर राजेश कुमार मंगलवार को कलेक्ट्रेट के वार्षिक निरीक्षण के लिए बाराबंकी पहुंचे थे, इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे. इसके बाद पत्रकारों ने भी उनसे आईजीआरएस (IGRS) प्रणाली को लेकर तीखे सवाल किए, जिस पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी. 

कमिश्नर ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

जब कमिश्नर से ये पूछा गया कि अक्सर जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की जांच उन्हीं कर्मचारियों या अधिकारियों को सौंप दी जाती है जिनके खिलाफ शिकायत होती है ऐसे में आरोपी कर्मचारी खुद ही रिपोर्ट लगाकर मामले को रफा-दफा कर देते हैं तो उन्होंने इस पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया. 

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राजेश कुमार ने कहा कि यदि कोई ऐसा विशेष मामला संज्ञान में आता है जिसमें रिपोर्ट गलत लगाई गई है तो इसकी जानकारी सीधे उन्हें या जिलाधिकारी को दी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट सेल की सराहना करते हुए बताया कि शिकायतकर्ताओं को कॉल करने की प्रक्रिया में सुधार हुआ है और करीब 90% लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है. 

जनता की समस्याओं का निस्तारण जरूरी

कमिश्नर ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो छोटी-मोटी कमियां पाई गई हैं उन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. कमिश्नर ने जोर दिया कि प्रशासन का लक्ष्य पारदर्शिता लाना है और यदि जनता को शिकायतों के निस्तारण में कोई भी पक्षपात नजर आता है तो वे बेझिझक उच्चाधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं.