देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार में शनिवार को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य के विकास और सुरक्षा को नई धार दी. इस दौरान उन्होंने पुलिस विभाग में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत प्रमाण पत्र वितरित किए और करोड़ों रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में अमित शाह ने कुल 427 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का पिटारा खोला. उन्होंने 312 करोड़ रुपये की लागत वाली 19 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जो आने वाले समय में जिले की सूरत बदल देंगी.

जनसुविधाओं का होगा विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लगभग 115 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई 32 जनोपयोगी योजनाओं को जनता को समर्पित किया गया. इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से आधुनिक सड़कें, उन्नत पेयजल व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े बुनियादी ढांचे शामिल हैं, जिससे हरिद्वार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होगा.

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युवाओं को मिला रोजगार, पुलिस बल हुआ मजबूत

रोजगार सृजन को केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस के नवनियुक्त आरक्षियों (Constables) को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे. उन्होंने नवनियुक्त जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक सशक्त और अनुशासित पुलिस बल ही सुरक्षित उत्तराखंड की नींव है. नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं और उनके परिवारों के चेहरे खिल उठे.

ऐतिहासिक कदम: CAA के तहत मिली भारतीय नागरिकता

कार्यक्रम का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण वह था जब अमित शाह ने 5 शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत 'भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र' प्रदान किए. गृह मंत्री ने गर्व के साथ कहा, "यह कानून उन लोगों को सम्मानजनक जीवन और संवैधानिक अधिकार देने के लिए बनाया गया है, जो दशकों से भारत में शरण लेकर रह रहे थे. आज वे आधिकारिक रूप से इस महान राष्ट्र के नागरिक बन गए हैं."

डबल इंजन सरकार का संकल्प

जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन' की सरकार उत्तराखंड को विकास के नए शिखर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से हरिद्वार न केवल एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में, बल्कि एक आधुनिक और विकसित शहर के रूप में भी विश्व पटल पर अपनी पहचान मजबूत करेगा.