नीट मामले को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के पर 26 दिन के बाद अनशन खत्म कर दिया है. जिस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई हैं. सपा मुखिया ने साफ कहा कि जो जब बीमारी जड़ में है तो फल के इलाज से कोई नहीं मानने वाला है. अब बीजेपी को जाना ही होगा. 

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सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक द्वारा अनशन खत्म करने पर कहा- 'जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला. देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है: नाम तो सुना होगा ‘BJP’ NO FAST TRACK; BJP GO BACK!'

अखिलेश यादव इससे पहले भी सोनम वांगचुक से अपना अनशन तोड़ने की अपील कर चुके थे. उनके अनशन तोड़ने पर सपा के तमाम नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आई हैं. राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने अनशन तोड़ने को सही बताया और कहा कि समाजवादी पार्टी कभी भी अनशन के पक्ष में नहीं रही है. 

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'सपा अनशन के पक्ष में कभी नहीं रही'

राम गोपाल यादव ने कहा कि "डॉ लोहिया हमेशा अनशन का विरोध करते थे. जब उन्हें ज्यादा कहा तो उन्होंने कहा कि आप क्रमवार कर सकते हो कि 24 घंटे के लिए एक आदमी बैठे और फिर दूसरा बैठे. आमरण अनशन करे तो डॉ लोहिया ने कहा कि अगर माँग नहीं मानी तो मर जाना पर उठना नहीं. सपा कभी इसके पक्ष में नहीं रही है. विपक्ष अपनी मांग पर कायम है. 

अनशन तोड़ने पर क्या बोले अवधेश प्रसाद

वहीं सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर कहा कि हमारे नेता अखिलेश यादव ने पहले ही अनुरोध किया था कि जीवन बड़ा बहुमूल्य है और आज ऐसे समय में ये अनशन कर रहे हैं जबकि बीजेपी के शासन काल में उनकी विचारधारा में अनशन का कोई मतलब नहीं है. हालांकि ये हथियार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दिया था. लेकिन, ये हथियार इस सरकार पर बेअसर है. इसलिए हमारे नेता अखिलेश यादव ने सांसदों को भी भेजा था इस अनुरोध के साथ कि वो अनशन तोड़ दें. उन्होंने अनशन तोड़ दिया, इसके लिए मैं बधाई देता हूं.