वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति से जुड़े एक मामले को लेकर पाल समाज के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है. घाट परिसर और आसपास की गलियों में बड़ी संख्या में पाल समाज के लोग एकत्र हुए थे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान वाराणसी पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया. पुलिस कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
अब इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब भाजपाई यह कहेंगे कि यह खबर भी ‘एआई’ से बनाई गई है. अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"समाचार- वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पाल समाज के प्रदर्शन पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज और एक दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया. अब भाजपाई कहेंगे ये समाचार भी ‘एआई’ से बना है. अरे कोई इन्हें समझाए: भाई सब कुछ नहीं होता एआई. भाजपाइयों से जनता पूछ रही है कि जब सब कुछ एआई से ही हो रहा है तो आप क्या कर रहे हैं? भाजपाइयों ने कमीशन लेकर कहीं सरकार को ही एआई को आउट सोर्स तो नहीं कर दिया?
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार जन आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है, जबकि सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और बिना अनुमति के किसी भी तरह का प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है.
जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने और कथित तौर पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और हिंसक व्यवहार करने लगे, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के पास किसी भी तरह की पूर्व अनुमति नहीं थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया, 16 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.